25 लाख की साइबर ठगी का खुलासा: देहरादून साइबर पुलिस ने पश्चिम बंगाल से दो आरोपियों को दबोचा

देहरादून। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून ने 24.95 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्यों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 13 डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और बैंक खातों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि देहरादून निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उसका मोबाइल फोन हैक कर ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए तथा उसकी कंपनी के बैंक खाते से लगभग 24.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंकों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और अन्य संबंधित संस्थाओं से प्राप्त डेटा का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल में अभियान चलाकर 18 जून 2026 को रानाघाट क्षेत्र से तपन बिस्वास (45 वर्ष) और उत्तम कुमार दास (38 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे साइबर अपराधियों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग संबंधी जानकारी उपलब्ध कराते थे तथा इसके बदले आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम का लेनदेन हुआ था और वे संगठित साइबर अपराध गिरोह के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, तपन बिस्वास संदिग्ध बैंक खातों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था, जबकि उत्तम कुमार दास के खाते में ठगी की रकम की दूसरी लेयर में ट्रांसफर होने के साक्ष्य मिले हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है तथा मामले की विवेचना जारी है।
इस कार्रवाई को निरीक्षक आशीष गुसाईं के नेतृत्व में उपनिरीक्षक राजीव सेमवाल, उपनिरीक्षक रमन बिष्ट और कांस्टेबल नीरज नेगी की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस ने लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को देने की अपील की है

