रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर देहरादून सिटीजन फोरम चिंतित
देहरादून।शहर के जागरूक नागरिकों के समूह *देहरादून सिटीजन फोरम ने ₹6200 करोड़ की प्रस्तावित *रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना* को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। हाल में आयोजित एक बैठक में फोरम ने कहा कि इस परियोजना की योजना प्रक्रिया में नागरिकों की सहभागिता पूरी तरह से नदारद रही है।
फोरम ने आरोप लगाया कि न तो परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) रिपोर्ट सार्वजनिक की गई हैं और न ही आम नागरिकों से कोई सार्थक संवाद किया गया। सदस्यों ने मांग की कि शहर भर में नागरिक बैठकों की श्रृंखला आयोजित कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए।
फोरम के सदस्यों ने आशंका जताई कि 26 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर देहरादून की पहले से ही तनावग्रस्त नदियों – रिस्पना और बिंदाल – पर और भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है। यह कहा गया कि हालिया सहस्त्रधारा रोड चौड़ीकरण जैसी परियोजनाओं का प्रभाव भी आज तक ठीक से आंका नहीं गया है।
सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब सरकार एक ओर पर्यटकों की संख्या सीमित करने की बात करती है, तो दूसरी ओर मसूरी जैसे स्थलों के लिए एक के बाद एक नई सड़कों, रोपवे और एलिवेटेड कॉरिडोर की योजनाएं क्यों लाई जा रही हैं। यह विरोधाभास दीर्घकालिक दृष्टिकोण की कमी को दर्शाता है।
बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि छोटे अध्ययन समूह बनाकर परियोजना के पर्यावरणीय, सामाजिक और वैकल्पिक पहलुओं का गहन विश्लेषण किया जाए ताकि आम नागरिकों को जागरूक किया जा सके और जनहित में मजबूत तर्क प्रस्तुत किए जा सकें। फोरम ने सरकार से परियोजना पर पुनर्विचार और जनसंवाद आधारित निर्णय प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।
बैठक में फ्लोरेंस पांधी, परमजीत कक्कड़, अनूप नौटियाल, रितु चटर्जी, हिमांशु अवस्थी, रिंकू सिंह, अक्षत चौहान, महाबीर सिंह रावत, मौसमी भट्टाचार्य, कैप्टन वाई. भट्टाचार्य, लेफ्टिनेंट कर्नल सनी बख्शी, सुनील नेहरू, अजय दयाल, सारा दयाल, अलका मधान, भारती पी. जैन, रमन्ना कुमार, पूर्णिमा वर्मा, ध्रुव बत्रा, मनुज अग्रवाल, राकेश कपूर, अक्षय अग्रवाल और एस.एस. रसाइली सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

