उत्तराखंड में जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर विस्तृत अध्ययन करेगा देवभूमि विचार मंच : भगवती प्रसाद राघव
देहरादून। प्रज्ञा प्रवाह की उत्तराखंड इकाई देवभूमि विचार मंच के देहरादून स्थित अध्ययन केंद्र की छठी बैठक का सफल आयोजन नेहरू कॉलोनी, देहरादून में संपन्न हुआ।
बैठक में श्री भगवती प्रसाद “राघव”, क्षेत्रीय संयोजक (उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश) की विशेष उपस्थिति रही। बैठक की प्रस्तावना श्री विकास सारस्वत ने रखी और अब तक हुए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री भगवती प्रसाद राघव ने कहा कि उत्तराखंड में हो रहे जनसंख्यिकीय बदलावों का असर कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, रोजगार और पर्यावरण सहित कई क्षेत्रों पर साफ देखा जा सकता है। इन विषयों को लेकर समाचार पत्रों और टीवी चैनलों में आए दिन चर्चा होती रहती है।
उन्होंने कहा कि सीमांत राज्य के सामरिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इन जनसंख्यकीय बदलावों के प्रभाव, चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर प्रमाणिक शोध की आवश्यकता है। इसके साथ ही इस विषय पर एक पुस्तक का संपादन भी किया जाएगा, जिससे शैक्षणिक जगत को नया दृष्टिकोण मिलेगा।
उन्होंने ‘जनसांख्यिकीय परिवर्तन’ विषय के तहत उप-विषयों पर लेख प्राप्त करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2025 निर्धारित की। पुस्तक के संपादन का दायित्व सुप्रसिद्ध कॉलमनिस्ट श्री विकास सारस्वत को सौंपा गया।
बैठक में प्रांत संयोजक डॉ. अंजलि वर्मा, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य प्रो. एच.सी. पुरोहित, क्षेत्रीय सह-संयोजक (शोध आयाम) डॉ. रवि शरण दीक्षित, प्रांत शोध संयोजक डॉ. त्रिभुवन खाली, दून विश्वविद्यालय संयोजक डॉ. राजेश भट्ट, प्रांत कोषाध्यक्ष के.सी. मिश्रा, वाडिया संस्थान से वैज्ञानिक डॉ. परमजीत सिंह और कार्यालय सचिव श्री विशाल वर्मा सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

