पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, उन्हें जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं: मुख्यमंत्री धामी

पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, उन्हें जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं: मुख्यमंत्री धामी
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रिपोर्ट: ललित जोशी


 नैनीताल।सरोवर नगरी नैनीताल से दूर कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के कोटाबाग में आयोजित दो दिवसीय घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए 114 करोड़ 69 लाख 46 हजार रुपये की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध घोड़ा लाइब्रेरी की ऊर्जावान टीम को इस अनूठे आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पहल दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए आशा की किरण है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद घोड़ा लाइब्रेरी ज्ञान का उजाला बच्चों के घर-आंगन तक पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल पुस्तकें पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने और उनके भविष्य को दिशा देने का कार्य भी कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान व्यक्ति के चरित्र, सोच और भविष्य को नई दिशा देता है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र और मार्गदर्शक होती हैं, जो हमें बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घोड़ा लाइब्रेरी द्वारा पच्छयाण महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी लोकसंस्कृति, पुस्तकों और प्रकृति से जोड़ने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय है। यही कारण है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मन की बात कार्यक्रम में इस अभिनव पहल की विशेष रूप से प्रशंसा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर दूरस्थ पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी ढांचे को सशक्त किया जा रहा है। साथ ही राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड की भांति मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। नैनीताल जनपद में नैनादेवी मंदिर, कैंची धाम, हनुमानगढ़ी, मुक्तेश्वर धाम सहित अनेक धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही कोटाबाग क्षेत्र के तोक भटकानी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में कई मोटर मार्गों के निर्माण एवं सुधारीकरण के साथ ही हल्द्वानी और कालाढूंगी क्षेत्र में बिजली की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 78 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्युत लाइनों के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार के कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने नई शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू किया। राज्य में सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें लागू की गई हैं तथा कक्षा 1 से 12 तक सभी छात्रों को निःशुल्क पुस्तकें प्रदान की जा रही हैं। पीएम श्री विद्यालय, वर्चुअल क्लास, स्मार्ट क्लासरूम, व्यावसायिक शिक्षा और छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से शिक्षा को अधिक व्यवहारिक और आधुनिक बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है। पिछले चार वर्षों में लगभग 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे पुस्तकों से निरंतर जुड़ें और ज्ञान को अपने जीवन का आधार बनाएं।

देवभूमि खबर

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