दून यूनिवर्सिटी के छात्रों ने विश्व स्वच्छता दिवस के अवसर पर किया स्वच्छता अभियान का नेतृत्व
देहरादून।पर्यावरणीय जिम्मेदारी का सशक्त संदेश देते हुए दून यूनिवर्सिटी के ‘मास्टर ऑफ सोशल वर्क’ (MSW) प्रोग्राम के छात्रों ने विश्व स्वच्छता दिवस के अवसर पर आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान का सफल आयोजन किया। यह पहल वेस्ट वॉरियर्स सोसाइटी द्वारा आयोजित इंटर-कॉलेज प्रतियोगिता ‘इको-ओलंपिक्स, 2025’ का हिस्सा थी। लगातार तीसरे वर्ष इस प्रतियोगिता में भागीदारी कर रही दून यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर सतत कचरा प्रबंधन और नागरिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया है।
इस अवसर पर दून यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि “हमारे छात्र अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ समाज और पर्यावरण के प्रति भी संवेदनशील हैं। यह पहल सतत विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व के विश्वविद्यालयी संकल्प को मजबूत करती है और विद्यार्थियों को समुदाय के लिए प्रेरणा बनने का अवसर देती है।“
सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए छात्रों ने सार्वजनिक स्थानों से एकत्रित कचरे को व्यवस्थित ढंग से अलग किया और उसे हरवाला स्थित वेस्ट वॉरियर्स की ‘मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी’ (MRF) तक पहुँचाया, ताकि पुनर्चक्रण योग्य सामग्री का उचित उपयोग हो सके और शेष का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाए। इस पहल ने कचरे को लैंडफिल तक पहुँचाने की बजाय वैज्ञानिक पद्धतियों से प्रबंधन करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
समाज कार्य विभाग के समन्वयक प्रो. हर्ष डोभाल ने कहा, जब युवा जिम्मेदारी निभाते हैं तो वे समाज को बेहतर आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसलिए यह अभियान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और क्रियाशीलता का संदेश भी देता है।
छात्रों ने भी इसमें भाग लेने के अपने उद्देश्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कचरा और प्रदूषण ऐसी समस्याएं हैं जो वे अपने आस-पास रोज़ देखते हैं। उनके लिए, एक स्वच्छ शहर में योगदान देना एक जिम्मेदारी के साथ-साथ यह दिखाने का भी एक अवसर था कि छोटे, लगातार प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं। इस सफाई अभियान को स्थानीय निवासियों का भी समर्थन मिला, जिन्होंने छात्रों की पहल की सराहना की। आयोजकों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों और वेस्ट वॉरियर्स जैसे नागरिक समाज समूहों के बीच साझेदारी पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आयोजकों ने कहा कि इस तरह की जनभागीदारी पहल न केवल स्थानीय समस्याओं को हल करती हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भी योगदान देती हैं।
