ED ने 70 करोड़ के 14 फ्लैट सफल समाधान आवेदक को लौटाए

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल कार्यालय ने DSK Southern Projects Pvt. Ltd. और अन्य के खिलाफ PMLA मामले में 14 आवासीय फ्लैट सफल समाधान आवेदक (Successful Resolution Applicant) को वापस सौंप दिए हैं। इन फ्लैटों का बाजार मूल्य करीब 70 करोड़ रुपये बताया गया है।
ED के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 8(8) के दूसरे प्रावधान के तहत सुप्रीम कोर्ट द्वारा 16 जुलाई 2026 को पारित आदेश के बाद की गई है। बेंगलुरु के बेगुर होबली स्थित हुलिमावु गांव के ‘मंत्री DSK Pinnacle’ में स्थित इन 14 फ्लैटों का कब्जा ED ने 14 अगस्त 2026 को सौंप दिया।
मामले की जांच पुणे की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा DSK ग्रुप के दीपक सखाराम कुलकर्णी और अन्य के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। PMLA के तहत जांच में सामने आया कि कथित धोखाधड़ी वाली जमा योजनाओं के जरिए निवेशकों से जुटाई गई रकम को डायवर्ट और लेयरिंग कर अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) तैयार की गई। ED के अनुसार, इस मामले में अपराध से अर्जित आय करीब 1,129 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच के दौरान ED ने 14 फरवरी 2019 के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) के तहत करीब 904 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं। बाद में PMLA के तहत सक्षम प्राधिकारी (Adjudicating Authority) ने इस अटैचमेंट की पुष्टि की।
ED ने मामले में मुंबई स्थित विशेष PMLA अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) भी दाखिल की थी, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में ED ने अब 14 आवासीय फ्लैटों का कब्जा सफल समाधान आवेदक को सौंप दिया है। यह कार्रवाई PMLA के तहत कुर्क संपत्तियों की वैधानिक प्रक्रिया के बाद वास्तविक हितधारकों के हितों की बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
