सहकारी समिति घोटाला: ED ने 18.32 करोड़ की संपत्तियां अटैच कीं

बेंगलुरु। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु कार्यालय ने सिरिवैभव सौहार्द पट्टिना सहकारी नियामिता से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 अगस्त 2026 को 18.32 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 5(1) के तहत की गई है।
ED के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियों में रेजिडेंशियल प्लॉट और फ्लैट शामिल हैं। ये संपत्तियां राजेश वी.आर., नागवल्ली बी.एस. और उनके सहयोगियों से संबंधित या जुड़ी हुई बताई गई हैं।
ED ने यह जांच बेंगलुरु के सुब्रमण्यपुरा थाने में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि सहकारी समिति द्वारा आम लोगों से जमा कराई गई रकम को कथित तौर पर राजेश वी.आर. और नागवल्ली बी.एस. से जुड़े व्यक्तियों एवं संस्थाओं को असुरक्षित और अनियमित ऋण के माध्यम से डायवर्ट किया गया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, डायवर्ट की गई रकम का इस्तेमाल बाद में अचल संपत्तियां खरीदने और व्यावसायिक गतिविधियों में किया गया। ED ने आगे की जांच के दौरान ऐसी अतिरिक्त संपत्तियों की पहचान की, जिन्हें कथित तौर पर अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हासिल किया गया था।
इससे पहले ED ने 12 फरवरी 2026 के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत 16.95 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अटैच की थीं। इस मामले में एजेंसी द्वारा 26 मार्च 2026 को अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) भी दाखिल की जा चुकी है।
अब आगे की जांच में 18.32 करोड़ रुपये मूल्य की अतिरिक्त अचल संपत्तियां सामने आने के बाद उन्हें भी अस्थायी रूप से अटैच कर लिया गया है।
