फर्जी ITC नेटवर्क पर ED की बड़ी कार्रवाई, 36.47 लाख की संपत्तियां अटैच

ईटानगर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के ईटानगर सब-जोनल कार्यालय ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की धोखाधड़ी, इस्तेमाल और लेयरिंग से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने PMLA, 2002 के तहत 11 अगस्त 2026 के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर नंबर 04/2026 के जरिए करीब 36.47 लाख रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। अटैच की गई संपत्तियों में बैंक खातों में जमा राशि और अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिले के नाहरलागुन स्थित बी-सेक्टर में एक व्यावसायिक भूखंड शामिल है।
ED ने गुवाहाटी के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (इकोनॉमिक ऑफेंसेज) थाने में M/s Amit Traders और अन्य के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि M/s Shree Ram Enterprises ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान बिना किसी वास्तविक वस्तु या सेवा की आपूर्ति के फर्जी चालानों के माध्यम से करीब 116 करोड़ रुपये का ITC कथित रूप से जनरेट किया। इसके बाद फर्जी और अस्तित्वहीन संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए इस ITC की लेयरिंग कर विभिन्न डाउनस्ट्रीम लाभार्थियों तक पहुंचाया गया।
जांच के अनुसार, Shree Ram Enterprises ने करीब 41.43 करोड़ रुपये का फर्जी ITC ऐसे शेल संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से आगे बढ़ाया, जिनके पीछे वस्तु या सेवा की कोई वास्तविक आपूर्ति नहीं थी। इस फर्जी ITC का लाभ लेने वालों में Yalpu Enterprise, Zee Engineering & Construction और Angela Enterprises समेत अन्य संस्थाएं शामिल हैं।
वर्तमान कार्रवाई में M/s Sun Force Solar Pvt. Ltd. के बैंक बैलेंस को सीधे अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) के रूप में अटैच किया गया है। इसके अलावा Tatum Teli Comdir, Smt. Kotu Bui और Smt. Likha Nap से संबंधित बैंक बैलेंस और अचल संपत्तियों को उनके संबंधित कारोबार द्वारा कथित रूप से धोखाधड़ी से प्राप्त और इस्तेमाल की गई अपराध की आय के मूल्य के बराबर अटैच किया गया है।
इसी मामले में ED इससे पहले 3.30 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है, जिसे PMLA की धारा 8 के तहत माननीय निर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating Authority) द्वारा पुष्टि की जा चुकी है। साथ ही ED ने PMLA की धारा 3 और 4 के तहत विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है।
वर्तमान कार्रवाई के बाद मामले में अब तक अस्थायी रूप से अटैच की गई संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 3.66 करोड़ रुपये हो गया है। मामले में ED की आगे की जांच जारी है।

