देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत थत्यूड़ महाविद्यालय में उद्यमिता अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित

थत्यूड़। राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़, टिहरी गढ़वाल में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत देवभूमि उद्यमिता प्रकोष्ठ एवं करियर काउंसलिंग समिति के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय उद्यमिता अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्वरोजगार, स्टार्टअप तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं से परिचित कराते हुए आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत नोडल अधिकारी डॉ. गीता रावत शाह के मंच संचालन में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आदित्य कुमार मौर्य ने कहा कि वर्तमान समय में उद्यमिता युवाओं के लिए केवल स्वरोजगार का माध्यम नहीं है, बल्कि रोजगार के नए अवसर सृजित करने का प्रभावी साधन भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा, कौशल और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए स्वरोजगार के नए अवसर तलाशने का आह्वान किया।
देवभूमि उद्यमिता योजना के संचालक श्री दिग्विजय ने विद्यार्थियों को उद्यमिता की अवधारणा, व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, आवश्यक योजना एवं संसाधनों, संभावित चुनौतियों तथा स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सही योजना, नवाचार और निरंतर प्रयासों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर भी सफल उद्यम विकसित किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में श्री सुशांत उनियाल ने विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया, आवश्यक संसाधनों, उत्पादन की संभावनाओं, विपणन और आय के अवसरों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कम स्थान और सीमित संसाधनों में भी मशरूम उत्पादन को प्रभावी स्वरोजगार एवं आय के साधन के रूप में अपनाया जा सकता है। उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में यह युवाओं और किसानों के लिए आजीविका एवं आय सृजन का महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है।
इस दौरान बीए चतुर्थ सेमेस्टर की छात्राओं स्वाति और चांदनी ने स्थानीय उत्पादों, नमक एवं चीड़ से निर्मित उत्पादों के उपयोग और संभावनाओं से संबंधित अपने विचार साझा किए। विद्यार्थियों ने उद्यमिता एवं मशरूम उत्पादन को लेकर विशेषज्ञों से विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. नीरज असवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
