विश्व पर्यावरण दिवस पर नैनबाग महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण एवं योग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
नैनबाग। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय नैनबाग में भूगोल विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं योग विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रिश कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण मानव अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने तथा वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के योग प्रशिक्षक योगाचार्य राजमोहन सिंह रावत ने पर्यावरण और योग के गहरे संबंध पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं। योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि व्यक्ति में प्रकृति के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित करता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए योग, प्राणायाम और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और योग दोनों ही मानव जीवन को संतुलित, स्वस्थ एवं समृद्ध बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा प्रकृति संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओं एवं प्राध्यापकों में डॉ. मंजू कोगियाल, डॉ. दुर्गेश्वरी, डॉ. दिनेश चंद्र, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. परमानंद चौहान, डॉ. मधुबाला जुवांठा तथा कर्मचारियों में रेशमा बिष्ट, सुशील चंद्र, भुवन चंद्र डिमरी, दिनेश पंवार, रोशन, रीना और विकेश सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

