देहरादून। उत्तराखंड में आयुष्मान योजना के तहत अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। इस पर राज्य सरकार द्वारा 3300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत राज्य में 25 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड बनाए गए हैं, जिनमें से 11 हजार से अधिक बुजुर्गों ने मुफ्त उपचार का लाभ लिया है।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि आम लोगों के स्वास्थ्य को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की आसान उपलब्धता के कारण प्रदेश के अधिक से अधिक लोग विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। यही कारण है कि राज्य में बड़ी संख्या में मरीज आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त उपचार करा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जनपदवार आंकड़ों के अनुसार अल्मोड़ा में 57,862 लाभार्थियों ने योजना के तहत मुफ्त उपचार कराया है। इसी प्रकार बागेश्वर में 25,133, चमोली में 66,005, चम्पावत में 33,274, देहरादून में 4,18,295, हरिद्वार में 3,21,509, नैनीताल में 1,59,242, पौड़ी में 1,30,701, पिथौरागढ़ में 58,786, रुद्रप्रयाग में 39,989, टिहरी में 99,191, ऊधमसिंह नगर में 2,81,995 तथा उत्तरकाशी में 55,882 लाभार्थियों ने योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपचार प्राप्त किया है।
डॉ. रावत ने बताया कि आयुष्मान योजना के अलावा राज्य सरकार द्वारा राज्य व स्वायत्तशासी निकायों के कार्मिकों और पेंशनरों के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (एसजीएचएस) भी संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख से अधिक लाभार्थियों ने कैशलेस उपचार का लाभ उठाया है, जिनमें 1.73 लाख लोगों ने आईपीडी तथा 2.31 लाख लोगों ने ओपीडी सेवाओं का लाभ लिया। इस सुविधा पर सरकार द्वारा अब तक 641 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में 57 लाख से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि एसजीएचएस योजना के अंतर्गत 5 लाख से अधिक कार्ड जारी किए गए हैं। इसके अलावा 70 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के 25 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना योजना के तहत कार्ड बनाए गए हैं, जिनमें से 11 हजार से अधिक लाभार्थियों ने मुफ्त उपचार का लाभ उठाया है। इस योजना पर सरकार द्वारा करीब 30 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि व्यय की जा चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को भी निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। दुर्घटना में घायलों के उपचार के लिए 1.50 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से दी जा रही है, जो पीड़ितों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

