अंकिता भंडारी की चौथी पुण्यतिथि पर भाजपा को घेरते हुए गरिमा दसौनी बोलीं- जन्मदिन के उत्सवों के बीच उत्तराखंड की बेटी को मत भूलिए

देहरादून। अंकिता भंडारी की चौथी पुण्यतिथि से पहले उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा इन दिनों मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के जन्मदिन के आयोजनों में व्यस्त है, लेकिन 18 सितंबर को आने वाली उस तारीख को भूल रही है, जिसे उत्तराखंड कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि 18 सितंबर अंकिता भंडारी की पुण्यतिथि है और यह दिन पूरे प्रदेश के लिए पीड़ा और न्याय की मांग का दिन है।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि 16 सितंबर को मुख्यमंत्री का जन्मदिन, 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन और इसके बाद कई दिनों तक जन्मदिन समारोह आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन 18 सितंबर आते ही ऐसा लगता है जैसे भाजपा को अंकिता भंडारी की याद नहीं रहती। उन्होंने सवाल किया कि जिस प्रदेश की बेटी के लिए पूरा उत्तराखंड सड़कों पर उतर आया था, क्या उसकी चौथी पुण्यतिथि पर भाजपा नेताओं के पास उसके लिए दो आंसू भी नहीं हैं? उन्होंने कहा कि अंकिता केवल पौड़ी गढ़वाल की बेटी नहीं थी, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटी थी।
दसौनी ने कहा कि अंकिता उन लाखों पहाड़ी बेटियों का चेहरा थी, जो अपने सपनों को लेकर घर से निकलती हैं और अपने माता-पिता तथा परिवार का भविष्य बेहतर बनाने का सपना देखती हैं। अंकिता के साथ हुई घटना ने पूरे प्रदेश की अंतरात्मा को झकझोर दिया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में वनंत्रा रिजॉर्ट, कथित राजनीतिक रसूख, कथित वीआईपी कनेक्शन, रिजॉर्ट में तोड़फोड़ और साक्ष्यों से जुड़े कई सवाल आज भी प्रदेश की जनता के सामने हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि क्या अंकिता को पूरा न्याय मिल गया है? उन्होंने कहा कि यह सवाल आज भी जिंदा है। अंकिता के माता-पिता लगातार कथित वीआईपी एंगल सहित उन तमाम सवालों के जवाब मांगते रहे हैं, जिनका संबंध पूरे घटनाक्रम की उन परतों से है, जो अभी पूरी तरह सार्वजनिक नहीं हुई हैं।
दसौनी ने कहा कि जनवरी 2026 में राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश और फरवरी 2026 में सीबीआई द्वारा मामले को अपने हाथ में लिए जाने के बाद प्रदेश की जनता को उम्मीद जगी थी कि अब उन सवालों के जवाब सामने आएंगे, जिनको लेकर वर्षों से सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने पूछा कि सीबीआई जांच में अब तक क्या हुआ? जांच की प्रगति पर उत्तराखंड की जनता को विस्तृत जानकारी क्यों नहीं दी गई? क्या कथित वीआईपी एंगल की पूरी पड़ताल हुई और क्या उन सभी लोगों की भूमिका की जांच की गई, जिनके नाम या संदर्भ इस मामले में समय-समय पर सामने आते रहे हैं?
गरिमा दसौनी ने कहा कि उत्तराखंड सच जानना चाहता है और अंकिता के माता-पिता भी जानना चाहते हैं कि उनकी बेटी के साथ हुई घटना के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है। उन्होंने कहा कि अंकिता की आत्मा न्याय चाहती है और इस मामले में अब राजनीतिक भाषणों के बजाय सच सामने लाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के जन्मदिन मनाने से कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं है। जन्मदिन मनाइए और शुभकामनाएं दीजिए, लेकिन उत्तराखंड की बेटी की शहादत को राजनीतिक सुविधा के अनुसार नहीं भुलाया जाना चाहिए। केक काटने और उत्सव मनाने से सरकार की जिम्मेदारियां समाप्त नहीं हो जातीं। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि क्या अंकिता को वह पूरा न्याय मिला, जिसका वादा उत्तराखंड की जनता से किया गया था।
दसौनी ने कहा कि भाजपा नेता महिला सुरक्षा, बेटी बचाओ और नारी सम्मान की बात करते हैं, लेकिन अंकिता के मामले में आज भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। उन्होंने कांग्रेस की ओर से मांग की कि सीबीआई जांच की प्रगति सार्वजनिक की जाए, कथित वीआईपी एंगल सहित सभी अनुत्तरित सवालों की निष्पक्ष जांच हो, अंकिता के परिवार को जांच की स्थिति की पूरी जानकारी दी जाए और जो भी व्यक्ति किसी भी स्तर पर कानून एवं न्याय की राह में बाधा बना हो, उसकी भूमिका सामने लाई जाए।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि अंकिता भंडारी कांग्रेस के लिए कोई चुनावी मुद्दा नहीं है। वह उत्तराखंड की बेटी थी, है और हमेशा रहेगी। उन्होंने कहा कि जन्मदिन हर वर्ष आते-जाते रहेंगे, लेकिन अंकिता की मां की आंखों का इंतजार और उत्तराखंड के सवाल तब तक जिंदा रहेंगे, जब तक पूरा सच सामने नहीं आता। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय मिले, यही उत्तराखंड की आवाज है।
