हरिद्वार के शिवगढ़ मंदिर दोहरे हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

हरिद्वार के शिवगढ़ मंदिर दोहरे हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
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हरिद्वार। पथरी थाना क्षेत्र के शिवगढ़ स्थित मंदिर में दो साधुओं की निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले का हरिद्वार पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मंदिर की गद्दी (उत्तराधिकार) को लेकर उपजे विवाद ने इस दोहरे हत्याकांड को जन्म दिया।

पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को पंकज निवासी ऐथल, पथरी ने थाना पथरी पहुंचकर दो साधुओं की हत्या किए जाने की सूचना दी। शिकायत के आधार पर थाना पथरी में मु.अ.सं. 366/2026 के तहत धारा 103(1)/238(ए) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान दोनों साधुओं के शव मंदिर परिसर के पास खोदे गए गड्ढे से बरामद हुए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और अन्य विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए तथा मंदिर में मौजूद लोगों से पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पुलिस को मृतकों के परिचित लोगों पर संदेह हुआ, जिसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।

गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने 22 जुलाई 2026 को काठा पीर के जंगल में दबिश देकर अंकुर उर्फ अखिल गिरी, आशु और राममिलन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया।

पुलिस के अनुसार, मृतक पारसगिरी ने मंदिर की गद्दी सेवागिरी को सौंपने का निर्णय लिया था। इसी बात से नाराज चारों आरोपियों ने मिलकर पहले मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद किए और फिर सेवागिरी की धारदार पाथल से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद पारसगिरी पर भी हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।

हत्या के बाद आरोपियों ने आश्रम के पास गड्ढा खोदकर दोनों शवों को दबा दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए हाल में फैले खून को साफ किया गया और खून से सना गद्दा बाहर ले जाकर जला दिया। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए तथा एक प्रत्यक्षदर्शी को भी धमकाकर मोबाइल और सिम कार्ड नष्ट करने की सलाह दी।

पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दो फावड़े और एक पाथल बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि फरार चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकुर उर्फ अखिल गिरी (42 वर्ष), चेला महेश गिरी, निवासी पथरेश्वर महादेव मंदिर, शिवगढ़, थाना पथरी, हरिद्वार; आशु (37 वर्ष) पुत्र देवीचंद सैनी, निवासी इस्माइलपुर, थाना लक्सर, हरिद्वार तथा राममिलन (38 वर्ष) पुत्र वासवानंद, निवासी गोरसाडा, जनपद उत्तरकाशी (हाल निवासी करनाल, हरियाणा) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो फावड़े और एक पाथल बरामद किया है।

कार्रवाई को सफल बनाने वाली टीम में थानाध्यक्ष पथरी रविन्द्र कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक उपेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक एवं चौकी प्रभारी फेरूपुर विपिन कुमार, उपनिरीक्षक बबलू चौहान, हेड कांस्टेबल नारायण राणा, कांस्टेबल दीपक चौधरी, मुकेश चौहान, राकेश नेगी तथा नारायण सिंह शामिल रहे।

इस कार्रवाई में एसटीएफ एंटी नार्कोटिक्स कुमाऊं यूनिट से निरीक्षक पावन स्वरूप, एसआई विनोद जोशी और कांस्टेबल इसरार अहमद ने सहयोग किया। वहीं सीआईयू रुड़की की टीम में प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र शाह, अपर उपनिरीक्षक अश्वनी यादव, हेड कांस्टेबल मनमोहन भंडारी तथा कांस्टेबल आशीष, अजय काला, रविन्द्र खत्री, महिपाल तोमर और राहुल नेगी शामिल रहे।

देवभूमि खबर

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