कांवड़ मेला-2026 के लिए अभेद्य सुरक्षा कवच, डीजीपी दीपम सेठ ने दिए सख्त निर्देश

कांवड़ मेला-2026 के लिए अभेद्य सुरक्षा कवच, डीजीपी दीपम सेठ ने दिए सख्त निर्देश
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देहरादून। आगामी श्रावण कांवड़ मेला-2026 के सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सुरक्षा, यातायात, तकनीकी निगरानी और अंतरराज्यीय समन्वय को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।

डीजीपी ने कहा कि कांवड़ मेले के सफल संचालन के लिए उत्तराखंड पुलिस पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
बैठक में डीजीपी ने कहा कि कांवड़ मेला एक विशाल एवं अत्यंत संवेदनशील धार्मिक आयोजन है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित जनपदों के अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने तथा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य सीमावर्ती राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए।

डीजीपी ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्गों, प्रमुख धार्मिक स्थलों, स्नान घाटों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिस, एटीएस, एसटीएफ, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), खुफिया इकाइयों और रैपिड रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रमुख घाटों पर एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें 24 घंटे तैनात रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

उन्होंने कांवड़ मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, वैकल्पिक मार्गों, पार्किंग स्थलों और होल्डिंग एरिया के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। भारी वाहनों के डायवर्जन, मोबाइल पेट्रोलिंग और पैदल एवं डाक कांवड़ियों के लिए अलग मार्ग सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

डीजीपी ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र तथा रेलवे परिसरों की 24×7 निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से करने के निर्देश दिए। साथ ही फायर सेफ्टी ऑडिट, अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता और सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

सोशल मीडिया और साइबर सुरक्षा को लेकर डीजीपी ने विशेष निर्देश देते हुए कहा कि हरिद्वार में साइबर कमांडो की विशेष टीम तैनात रहेगी, जो सोशल मीडिया और साइबर स्पेस पर चौबीसों घंटे निगरानी रखेगी। अफवाह फैलाने या भ्रामक एवं आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सीमावर्ती राज्यों के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने, इंटेलिजेंस साझा करने तथा कांवड़ ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मियों के आवास, भोजन, पेयजल और विश्राम जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध तत्काल और कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड पुलिस सेवा, सुरक्षा और समर्पण की भावना के साथ कांवड़ मेला-2026 का सफल एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करेगी।

बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) वी. मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक (दूरसंचार/फायर सर्विस) विम्मी सचदेवा, पुलिस महानिरीक्षक एवं निदेशक यातायात कृष्ण कुमार वी.के., पुलिस महानिरीक्षक (एसटीएफ) नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक) सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक (एसडीआरएफ/कुंभ मेला) योगेन्द्र सिंह रावत, पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय/पी एंड एम) बरिंदरजीत सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) धीरेन्द्र गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक (अभिसूचना) मणीकांत मिश्रा सहित पुलिस मुख्यालय एवं संबंधित जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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