
देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में सचिव समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई एवं देखभाल के लिए शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत करने, प्रदेशभर के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को शीघ्र गर्ल्स टॉयलेट निर्माण से आच्छादित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकांश स्कूलों में शौचालय उपलब्ध हैं, लेकिन साफ-सफाई एवं रखरखाव की समुचित व्यवस्था न होने के कारण उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसको देखते हुए उन्होंने शिक्षा विभाग को पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शौचालयों एवं उनकी नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को आवश्यक सभी सुविधाओं से लैस करने के निर्देश देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के CSR फंड का पूर्ण उपयोग आंगनबाड़ी केंद्रों के विकास में किए जाने की बात कही। साथ ही विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों द्वारा आसपास के आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने पर जोर दिया। नए आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों के समीप स्थापित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इससे आंगनबाड़ी और स्कूलों के बीच का अंतर कम होगा तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के मूल उद्देश्यों की पूर्ति हो सकेगी।
मुख्य सचिव ने खेल विभाग को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का वर्षभर अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने हेतु शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी शीघ्र शुरू करने की बात कहते हुए कहा कि हमें बड़े लक्ष्य निर्धारित कर दीर्घकालिक तैयारी करनी होगी, ताकि वर्ष 2036 में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों में उत्तराखण्ड के खिलाड़ी भी प्रतिभाग कर सकें।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 को ध्यान में रखते हुए यह योजना बनानी होगी कि किस खेल के लिए किस आयु वर्ग के बच्चों को अगले 10 वर्षों तक प्रशिक्षित किया जाना है। इसके लिए प्रतियोगिताओं के माध्यम से 1000 से 1500 बच्चों को चिन्हित कर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों से अपने-अपने जनपदों में सर्वाधिक खेले जाने वाले खेल का चयन करते हुए “वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट” चिन्हित करने को भी कहा।
मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को अपने अधीनस्थ विभागों एवं जनपद स्तरीय कार्यालयों में शत-प्रतिशत ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि गृह विभाग सहित कई विभागों में ई-ऑफिस पूरी तरह लागू किया जा चुका है। उन्होंने आईटीडीए को विभागों में ई-ऑफिस लागू कराने की दिशा में निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही, बायोमैट्रिक अटेंडेंस को सैलरी (IFMS सिस्टम) से जोड़ते हुए आधार आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था प्रदेशभर में लागू करने के लिए शीघ्र मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सचिव पर्यटन को “वन स्टेट वन ग्लोबल डेस्टिनेशन” के तहत प्रदेश के 5 से 7 प्रमुख पर्यटन स्थलों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। इसके लिए सभी जनपदों से उनकी सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों की सूची शीघ्र साझा करने को कहा गया। साथ ही जनपदों को अपने विशेष त्योहारों को बढ़ावा देने के लिए “वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल” चिन्हित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, श्री प्रशांत जोशी, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, श्री चंद्रेश कुमार यादव, श्री बृजेश कुमार संत, श्री दीपक रावत, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री सी. रविशंकर, श्री रणवीर सिंह चौहान एवं श्री धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जनपदों के जिलाधिकारी वीसी के माध्यम से बैठक से जुड़े रहे।

