उत्तराखंड की लोक संस्कृति को विश्व मंच पर पहुंचा रहीं हैं लक्ष्मी दानू

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अल्मोड़ा।उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक नृत्य कलाकार लक्ष्मी दानू आज अपने लोकनृत्य के माध्यम से राज्य की संस्कृति को देश और दुनिया के मंचों तक पहुंचा रही हैं। बागेश्वर जिले के कुंवारी गांव से संबंध रखने वाली लक्ष्मी दानू वर्तमान में अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती हैं। साधारण परिवार से होने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर लोकनृत्य के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है।

लक्ष्मी दानू ने दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिला में आयोजित भारत पर्व समारोह में शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीता है। उन्हें नाटक एकेडमी रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया गया। इसके अलावा, दिल्ली में आयोजित रामलीला मंचन में उन्होंने सीता का किरदार निभाकर अपनी अदाकारी से सभी को प्रभावित किया।

सोशल मीडिया पर भी लक्ष्मी दानू काफी लोकप्रिय हैं। उनके लोकनृत्य वीडियो को लाखों लोग देखते हैं और सराहते हैं। उनकी प्रतिभा और मेहनत ने न सिर्फ उन्हें प्रसिद्धि दिलाई है, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को भी नई पहचान दी है।

लक्ष्मी दानू की कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो अपनी कला और मेहनत से जीवन में आगे बढ़ना चाहती हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि संकल्प और निरंतर प्रयास से किसी भी क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती है।

प्रताप सिंह नेगी ने लक्ष्मी दानू की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह उत्तराखंड की संस्कृति को विश्वभर में प्रसिद्ध कर रही हैं और अन्य महिलाओं को भी अपनी लोककला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

देवभूमि खबर

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