पिथौरागढ़ में प्रवासी पंचायत का आयोजन, रिवर्स पलायन और स्वरोजगार पर हुआ मंथन

पिथौरागढ़। ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग, उत्तराखण्ड द्वारा जनपद पिथौरागढ़ में प्रवासी पंचायत का आयोजन किया गया। आयोग के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य गांवों से पलायन कर चुके प्रवासियों को राज्य सरकार की रिवर्स पलायन एवं स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देना, उनके सुझाव प्राप्त करना तथा उन्हें अपने गांवों में उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में आयोग के सदस्य सुरेश सुयाल, सदस्य सचिव भरत चन्द्र भट्ट, वरिष्ठ शोध अधिकारी जी.पी. लखखेड़ा, प्रमुख क्षेत्र पंचायत लक्ष्मी गोस्वामी, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में प्रवासियों ने प्रतिभाग किया।
आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न विभागों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने और रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। प्रवासी पंचायतों के माध्यम से प्रवासियों के अनुभवों और सुझावों को नीति निर्माण में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
सदस्य सचिव भरत चन्द्र भट्ट ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं के तहत एनआरएलएम, मनरेगा, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना और रीप परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में अदरक, हल्दी, रोजमेरी, डेण्डेलियम, गुलदाउदी, बागवानी सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
आयोग के सदस्य सुरेश सुयाल ने गांवों में ‘ग्रामोत्सव’ जैसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों का अपने गांवों से जुड़ाव बढ़ेगा और पलायन पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
प्रमुख क्षेत्र पंचायत लक्ष्मी गोस्वामी ने कहा कि जनपद के संतुलित विकास में प्रवासी नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा प्रवासी पंचायत उनके अनुभवों और सहभागिता को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रभावी मंच साबित होगी।
जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी ने कहा कि सरकार की स्वरोजगार एवं पलायन निवारण योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाना प्राथमिकता है और प्रवासी पंचायत से प्राप्त सुझावों को विकास योजनाओं में शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी स्वरोजगारपरक योजनाओं की जानकारी दी। वहीं, जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए प्रवासियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा करते हुए रोजगार, उद्यमिता और पलायन से जुड़े सुझाव एवं समस्याएं भी रखीं। आयोग ने सभी विभागों से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक प्रवासियों और ग्रामीणों को लाभान्वित करने का आह्वान किया।

