महिला स्वयं सहायता समूहों के खिलाफ सरकार की नीतियों का विरोध: ज्योति रौतेला

महिला स्वयं सहायता समूहों के खिलाफ सरकार की नीतियों का विरोध: ज्योति रौतेला
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देहरादून। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने एक पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक ओर महिला सशक्तीकरण की बात करती है, जबकि दूसरी ओर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों से पोषाहार राशन वितरण का कार्य छीनकर इसे भारत सरकार की एजेंसी एनसीसीएफ के माध्यम से वितरित करने की योजना बनाई जा रही है।

रौतेला ने बताया कि राज्य में 10 हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह वर्ष 2013 से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषाहार उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे करीब 9 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। टीएचआर योजना से लगभग 2 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अप्रैल 2021 में ई-टेंडरिंग के माध्यम से इस कार्य को बड़े ठेकेदारों को सौंपने की योजना बनाई, जिसके विरोध में स्वयं सहायता समूहों ने आंदोलन किया और उच्च न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद महिला समूहों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

रौतेला ने यह भी कहा कि सरकार अब बिना टेंडर प्रक्रिया के 250 करोड़ का ठेका एनसीसीएफ को देने की योजना बना रही है, जबकि नैफेड और केंद्रीय भंडारण जैसी अन्य एजेंसियों से भी आवेदन मांगे गए थे। उन्होंने सरकार की इस नीति को महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ बताया और चेतावनी दी कि यदि महिला स्वयं सहायता समूहों को शामिल नहीं किया गया, तो महिला कांग्रेस राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करेगी।

इस पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा, और स्वयं सहायता समूह की रीता नेगी, सावित्री, पूजा वेदी आदि मौजूद रहीं।

देवभूमि खबर

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