अम्बेडकर जयंती पर कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ, सौहार्द बढ़ाओ’ संकल्प, धस्माना बोले, संविधान बचाने को प्राण भी करेंगे न्यौछावर
देहरादून। संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में “संविधान बचाओ, सौहार्द बढ़ाओ” गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन व प्रशासन) सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में घंटाघर स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि बाबा साहब ने देश को ऐसा पवित्र ग्रंथ—संविधान—दिया, जो 140 करोड़ भारतीयों को जोड़ता है। उन्होंने आरएसएस व भाजपा पर संविधान को समाप्त करने की कोशिशों का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इसके लिए अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्र व उत्तराखंड की भाजपा सरकारें लगातार संविधान पर हमले कर रही हैं और इसके मूल भाव को नष्ट करने का प्रयास कर रही हैं। बाबा साहब का संविधान सभी धर्मों, जातियों, भाषाओं और क्षेत्रों के नागरिकों को समान अधिकार देता है, लेकिन भाजपा शासित राज्यों में भेदभाव व प्रताड़ना बढ़ रही है।
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल ने कहा कि पार्टी वंचित, शोषित, अनुसूचित जाति, जनजाति व गरीब समाज को एकजुट कर बाबा साहब के सपनों को साकार करेगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने का आरोप भी लगाया।
बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जोशी ने डॉ. आंबेडकर को सभी वंचितों और शोषितों का मसीहा बताया, वहीं महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने उन्हें दूरदृष्टा, विचारक और अंतरराष्ट्रीय प्रेरणा स्रोत बताया।
इस अवसर पर डीबीएस कॉलेज के प्रोफेसर प्रत्यूष, सरदार अमरजीत सिंह, वीरेंद्र पोखरियाल, जगदीश धीमान, सुनील जायसवाल, अर्जुन सोनकर, अभिषेक तिवारी, मोहन काला, आनंद सिंह पुंडीर, सीपी सिंह, देवेंद्र सिंह, दिनेश कौशल, गगन छाचर, करण गाघट, आशीष देसाई, कैलाश वाल्मीकि, एस. पी. यादव समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी।
गोष्ठी के पश्चात कार्यकर्ताओं ने एक साथ खिचड़ी-पल्लर का सामूहिक भोज कर सौहार्द का संदेश दिया।

