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पांच लाख की रंगदारी मांगने वाला कथित न्यूज़ प्लेटफॉर्म संचालक गिरफ्तार, डायरी में मिला मोबाइल छिपाने का गुप्त खांचा

पांच लाख की रंगदारी मांगने वाला कथित न्यूज़ प्लेटफॉर्म संचालक गिरफ्तार, डायरी में मिला मोबाइल छिपाने का गुप्त खांचा
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देहरादून। खुद को न्यूज़ प्लेटफॉर्म का संचालक बताकर एक व्यक्ति को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने और पांच लाख रुपये की मांग करने के आरोप में दून पुलिस ने अनुज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने प्रॉपर्टी से जुड़े मामले में खबर प्रसारित करने की धमकी देकर पीड़ित से रकम मांगी थी। धमकी से डरकर पीड़ित ने आरोपी के बताए बैंक खाते में 50 हजार रुपये जमा कराए थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद की है। डायरी में मोबाइल छिपाने के लिए बनाया गया गुप्त खांचा भी मिला है।

पुलिस के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को आजाद कॉलोनी, माजरा निवासी तनवीर खान ने कोतवाली पटेलनगर में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि वह कई वर्षों से देहरादून में प्रॉपर्टी का कारोबार कर रहे हैं और वर्तमान में चांचक क्षेत्र की एक संपत्ति को लेकर कुछ लोगों से उनका विवाद चल रहा है। इसी दौरान एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से उनसे संपर्क किया और खुद को न्यूज़ प्लेटफॉर्म का संचालक बताया।

आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने प्रॉपर्टी से जुड़ी खबरें अपने न्यूज़ प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने और पीड़ित के लिए परेशानी खड़ी करने की धमकी दी। खबरें प्रसारित नहीं करने के एवज में पांच लाख रुपये की मांग की गई। शिकायत के मुताबिक, धमकी से घबराकर पीड़ित ने आरोपी द्वारा उपलब्ध कराए गए एक्सिस बैंक के खाते में 50 हजार रुपये जमा करा दिए। इसके बाद पूरी रकम नहीं देने पर आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और उन्हें बर्बाद करने की धमकी दी।

पीड़ित की शिकायत, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट और बैंक खाते में रकम जमा कराने के प्रमाण के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 773/2026 दर्ज किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 308(4), 351(3) और 352 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर शिकायतकर्ता से संपर्क करने वाले व्यक्ति की पहचान अनुज अग्रवाल के रूप में की। इसके बाद 19 अक्टूबर की रात आरोपी को पटेलनगर क्षेत्र में आईएसबीटी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से बरामद डायरी में मोबाइल फोन छिपाने के लिए विशेष खांचा बनाया गया था। आरोप है कि इस व्यवस्था के माध्यम से वह लोगों के वीडियो गोपनीय रूप से बनाता था। पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से कई व्यक्तियों के ऐसे वीडियो मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इन वीडियो को किन परिस्थितियों में बनाया गया और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया, इसकी जानकारी जांच के बाद सामने आएगी।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अनुज अग्रवाल पुत्र स्वर्गीय आर.एल. अग्रवाल, मूल निवासी बिजनौर, उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवासी 129 द्वारिकापुरी, थाना क्लेमेंटटाउन, देहरादून, उम्र 46 वर्ष है। वह कोतवाली पटेलनगर का हिस्ट्रीशीटर है। उसके विरुद्ध देहरादून में धोखाधड़ी, मारपीट, बलवा, अमानत में खयानत सहित विभिन्न आरोपों में कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। उसके विरुद्ध गैंगस्टर और गुंडा अधिनियम के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध मध्य प्रदेश में चार, पंजाब में एक, ओडिशा में एक और गुजरात में एक अभियोग दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। संबंधित राज्यों से इन मामलों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

बरामदगी: तीन मोबाइल फोन और एक डायरी।

पुलिस मामले में बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है। साथ ही, अन्य व्यक्तियों के गोपनीय वीडियो मिलने के संबंध में भी पड़ताल जारी है।

देवभूमि खबर

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