हरेला पर राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ में पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

थत्यूड़ (टिहरी)। हरेला पर्व के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ में पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आदित्य कुमार मौर्य के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए तथा उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला प्रकृति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है तथा यह अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने की प्रेरणा देता है।
प्राचार्य डॉ. आदित्य कुमार मौर्य ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते पर्यावरणीय संकट के दौर में वृक्षारोपण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने सभी से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अंचला नौटियाल के निर्देशन में महाविद्यालय के हर्बल गार्डन में औषधीय पौधों की जानकारी दी गई। साथ ही पौधों की निराई-गुड़ाई कर उनके संरक्षण, जल संरक्षण तथा पर्यावरण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने पौधारोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाने और अपने आसपास अधिक से अधिक हरियाली विकसित करने का संकल्प लिया।
समापन अवसर पर शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया। महाविद्यालय प्रशासन ने हरेला पर्व पर लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और निगरानी सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया।
इस अवसर पर डॉ. चंदा थपलियाल, डॉ. कुंवर सिंह, डॉ. शैलेन्द्र, डॉ. पूजा पालीवाल, डॉ. कनुप्रिया, डॉ. अखिल गुप्ता, डॉ. गुलनाज फातिमा, डॉ. अंचला नौटियाल, डॉ. नीरज असवाल, डॉ. करूणा मिश्र, डॉ. बिट्टू सिंह, डॉ. उर्वशी, डॉ. शीला बिष्ट, डॉ. रविचन्द्रा, डॉ. संगीता खड़वाल, डॉ. भारती नौटियाल सहित समस्त कार्यालय स्टाफ ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यालय स्टाफ के श्री शूरवीर, श्री कुलदीप चौहान, अनुसेवक श्री तेग सिंह, श्री सतपाल एवं श्री महावीर प्रसाद ने पौधारोपण के साथ पौधों की निराई-गुड़ाई कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

