एसटीएफ और जिला पुलिस की जेल से फरार हत्यारे के साथ पुलिस मुठभेड़, गिरफ्तार
देहरादून।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ की घेराबंदी रणनीति का परिणाम सामने आया जब एसटीएफ और जिला पुलिस ने संयुक्त अभियान में हरिद्वार जिला कारागार से फरार हत्यारे पंकज को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह अपराधी रामलीला के मंचन के दौरान जेल की दीवार फांदकर भाग निकला था, जिसकी गिरफ्तारी पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने जानकारी दी कि 11 अक्टूबर की रात दशहरे से पहले हरिद्वार जिला कारागार में रामलीला का आयोजन किया गया था। इस दौरान कैदी पंकज (28 वर्ष) और उसके साथी रामकुमार (24 वर्ष) को वानर सेना का किरदार निभाने का अवसर मिला। लेकिन दोनों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए जेल की दीवार फांदकर फरार होने की साजिश रची। जब रामलीला मंचन समाप्त हुआ और कैदियों की गिनती की गई, तब जेल प्रशासन को उनकी फरारी की जानकारी मिली। इसके बाद हरिद्वार पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ ने उनकी तलाश शुरू कर दी।
हरियाणा के यमुनानगर से पहले ही फरार कैदी रामकुमार को गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन पंकज अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर था। 30 जनवरी की रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पंकज एक स्थान पर छिपा हुआ है। इस सूचना के आधार पर उत्तराखंड एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो पंकज ने खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि फरारी के दौरान पंकज कहां छिपा रहा, उसे किन लोगों से मदद मिल रही थी और क्या उसके फरार होने के पीछे किसी बड़े अपराधी गिरोह का हाथ था। खास बात यह है कि पंकज इस दौरान कोई भी मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर रहा था, जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन का पता लगाने में कठिनाई हो रही थी।
इस ऑपरेशन को सफल बनाने में उत्तराखंड एसटीएफ के निरीक्षक यशपाल सिंह, उप निरीक्षक नरोत्तम बिष्ट, अ.उ.नि. हितेश कुमार, हे.का. अर्जुन सिंह रावत, हे.का. वीरेंद्र नौटियाल, हे.का. कैलाश नयाल, कांस्टेबल देवेंद्र कुमार, हे.का. अनूप भाटी, कांस्टेबल अनिल कुमार और कांस्टेबल सितांशु कुमार की अहम भूमिका रही।
उत्तराखंड एसटीएफ और जिला पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद फरार कैदी को पकड़ने में सफलता मिली, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

