
देहरादून।पीआरडी जवानों की एक महत्वपूर्ण बैठक में संगठन द्वारा सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक ही राज्य और एक ही प्रदेश में अलग–अलग नियम एवं कानून लागू कर भेदभाव किया जाना अनुचित है, जबकि सभी का कार्य समान प्रकृति का है। संगठन ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब होमगार्ड और उपनल कर्मियों को समान कार्य के आधार पर समान वेतन दिया जा रहा है, तो उसी तर्ज पर पीआरडी जवानों को भी समान कार्य का समान वेतन दिया जाना चाहिए।
बैठक में सरकार से मांग की गई कि इस संबंध में शीघ्र शासनादेश जारी किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पीआरडी जवानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उत्तराखंड के पीआरडी जवान अपने परिवारों सहित देहरादून पहुंचकर उग्र आंदोलन, धरना–प्रदर्शन एवं अनशन करने को बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार, शासन एवं प्रशासन की होगी।
बैठक में प्रदेश के सभी जनपदों से हजारों की संख्या में पीआरडी जवान उपस्थित रहे। इस दौरान प्रत्येक जवान से सुझाव और राय ली गई तथा आंदोलन की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश संयोजक सचिव संजय सिंह पवार, जिला अध्यक्ष देहरादून गंभीर सिंह रावत, सुधीर तोमर (देहरादून), मनोज कुमार (चंपावत), अशोक कुमार (पौड़ी), दीपा रावत, शारदा रावत, कृपाराम, नवीन बिष्ट, आशीष नौटियाल, बारू तोमर, राजेश नेगी सहित अन्य पदाधिकारी एवं हजारों पीआरडी जवान उपस्थित रहे।

