विकसित भारत @2047 के लिए शिक्षा की गुणवत्ता महत्वपूर्ण: महेंद्र कुमार
देहरादून में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) उत्तराखंड की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक आहूत की गई।
बैठक में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री महेंद्र कुमार ने कार्यकर्ताओं को संगठन की रीति और नीति के विषय में विस्तार से समझाते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसके लिए आवश्यक है कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ प्रत्येक विकासखंड व जनपद स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों पर विस्तार से विमर्श करें और उस विमर्श में प्राथमिक स्तर से उच्च शिक्षा संवर्ग के शिक्षकों को सम्मिलित कर सामग्र कार्य योजना पूरे वर्ष भर के लिए तैयार करें l क्योंकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को अमल में आए 5 वर्ष का कालखंड पूरा हुआ है इस दौरान नीति के क्रियान्वयन में क्या दिक्कतें रही और क्या करने की आगे आवश्यकता है यह जानने के लिए भी शिक्षकों के साथ विमर्श की आवश्यकता है।
श्री महेंद्र कुमार ने सभी मुख्य कार्यकर्ताओं को सुझाव दिया कि वे पाक्षिक रूप से जनपद वार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर ऑनलाइन शिक्षकों के साथ सेमिनार आहूत करें जिससे भारतीय ज्ञान परंपरा व भारत केंद्रित शिक्षा को धरातलीय स्तर पर क्रियान्वित किया जा सके। साथ ही उन्होंने जनपद वार संगठन के कार्यक्रमों की समीक्षा भी की। बैठक का संचालन प्रांतीय महामंत्री डॉ अनिल नौटियाल ने किया।
इस अवसर पर दून विश्वविद्यालय के प्रो0 एच सी पुरोहित ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की रूप रेखा प्रस्तुत की। श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष प्रोफेसर बीपी श्रीवास्तव ने कौशल शिक्षा पर अपने वक्तव्य दिए, साथ ही इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ महिला संवर्ग की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ0अलका सूरी, डॉ0पारुल दीक्षित, नीरज सैनी, नरेंद्र तोमर, संजय, जगपाल सिंह, सुशील कुमार व संजीव सैनी ने अपने विचार प्रस्तुत किये।

