उत्तराखण्ड में नकली दवाओं के कारोबार पर एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 3 और आरोपी गिरफ्तार; अब तक 16 आरोपी शिकंजे में
देहरादून। उत्तराखण्ड में चल रहे नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ उत्तराखण्ड एसटीएफ की सर्जिकल स्ट्राइक लगातार जारी है। ब्रांडेड कंपनियों की जीवन रक्षक दवाइयों की हूबहू नकल कर उन्हें बाजार में बेचने वाले गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकरण में अब तक कुल 16 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ द्वारा एसटीएफ को नकली दवाओं के गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। जिसके क्रम में एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नकली दवाएं बनाने और बाजार में बेचने वाले गिरोह की पूरी कुंडली तैयार कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी क्रम में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
एक जून को प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नकली रैपर, आउटर बॉक्स, लेबल और क्यूआर कोड भारी मात्रा में बरामद कर एक व्यक्ति संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया था। इस संबंध में थाना सेलाकुई, जनपद देहरादून में अभियोग पंजीकृत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विवेचना थाना सेलाकुई से एसटीएफ को स्थानांतरित कर दी गई।
पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्त नवीन बंसल उर्फ अक्षय पुत्र महावीर प्रसाद बंसल निवासी भिवाड़ी, राजस्थान ने पूछताछ में बताया कि उसने ब्रांडेड कंपनी की नकली दवाएं अभियुक्त नरेश धीमान, लोकेश गुलाटी और मोहतरम अली से खरीदकर बाजार में बेची थीं। इन तीनों द्वारा संगठित अपराध में सहयोग किया गया।
एसटीएफ टीम ने मैनुअल पुलिसिंग के तहत कार्रवाई करते हुए दिनांक 17.02.2026 को रुड़की और देवबंद में दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इससे पूर्व की गई कार्रवाई में 263 किलोग्राम पैरासिटामोल, 2490 किलोग्राम जिंक पाउडर, 5000 पैरासिटामोल टैबलेट और 16200 Oxalgin-DP टैबलेट बरामद की गई थीं। उत्तराखण्ड राजकीय लैब जांच में उक्त समस्त दवाएं, निर्माण सामग्री एवं पैकिंग मैटेरियल नकली पाए गए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों में नरेश धीमान निवासी मकतूलपुरी रुड़की, लोकेश गुलाटी निवासी रामनगर थाना गंगनहर जनपद हरिद्वार तथा मोहतरम अली निवासी मोहल्ला पठानपुरा थाना देवबंद जनपद सहारनपुर शामिल हैं।
लोकेश गुलाटी के विरुद्ध नकली दवाओं से संबंधित एक अन्य अभियोग थाना गंगनहर हरिद्वार में भी पंजीकृत है, जबकि अन्य जनपदों और राज्यों से भी आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। एसटीएफ की इस सख्त कार्रवाई से नकली दवाओं के कारोबार में लिप्त गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है।

