खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई, 147 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी, 17 नमूने जांच के लिए भेजे गए

खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई, 147 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी, 17 नमूने जांच के लिए भेजे गए
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देहरादून।नवरात्रि पर्व के दौरान व्रत में उपयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत कुट्टू के आटे और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए सघन निरीक्षण और नमूना संग्रहण किया गया।

आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि 04 अप्रैल को राज्यभर में 147 प्रतिष्ठानों पर छापेमार कार्रवाई की गई, जिनमें से 17 नमूने जांच के लिए भेजे गए। गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों से कुल 11 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए, जिनमें कुट्टू का आटा, सूजी, खाद्य तेल, सेंधा नमक, चीनी, चौलाई लड्डू, फलाहारी नमकीन, साबूदाना, काला नमक और सत्तू शामिल हैं। सभी नमूनों को विश्लेषण के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजा गया है और रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कुमाऊं मंडल के नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जनपदों में भी खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान 72 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। निरीक्षण में कहीं भी खुले कुट्टू के आटे की बिक्री नहीं पाई गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि व्यापारियों द्वारा दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। नैनीताल के रामनगर क्षेत्र से साबूदाना, सत्तू और काला नमक के नमूने लिए गए। बागेश्वर में कुट्टू के पैक्ड आटे और सूजी के नमूने तथा चंपावत से साबूदाना का नमूना जांच हेतु लिया गया।

कुल 06 खाद्य पदार्थों के नमूने राज्य खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला, रुद्रपुर भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त डॉ. राजेंद्र सिंह कबायत ने नैनीताल में स्वयं निरीक्षण किया और खाद्य कारोबारियों को गुणवत्तायुक्त और सुरक्षित खाद्य सामग्री बेचने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अनियमितता पाई गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राज्यभर में यह अभियान लगातार जारी रहेगा, जिससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

देवभूमि खबर

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