आबकारी आयुक्त ने देहरादून के कुँआवाला स्थित शराब गोदामों का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएँ पाई गईं सुव्यवस्थित
देहरादून। आबकारी आयुक्त उत्तराखण्ड श्रीमती अनुराधा पाल ने देहरादून जनपद के कुँआवाला क्षेत्र स्थित शराब गोदामों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में उप आबकारी आयुक्त श्री प्रभा शंकर मिश्रा, सहायक आबकारी आयुक्त श्री के.पी. सिंह, आबकारी निरीक्षक श्री संजय रावत, श्री शिव प्रसाद व्यास एवं श्री सुंदर तोमर सहित विभागीय अधिकारी शामिल रहे।
निरीक्षण का उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप गोदामों में भंडारण व्यवस्था, स्टॉक प्रबंधन, सुरक्षा प्रावधान तथा परिवहन प्रणाली की गहन समीक्षा करना था ताकि आबकारी राजस्व की सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रह सकें।
निरीक्षण के दौरान गोदामों में उपलब्ध स्टॉक का विस्तृत भौतिक सत्यापन किया गया और विदेशी मदिरा के बंधित गोदामों के स्टॉक रजिस्टर का मिलान कर अभिलेखों की जांच की गई। विदेशी मदिरा के सैंपल लेकर शुद्धता सुनिश्चित की गई तथा किसी प्रकार की विसंगति नहीं पाई गई। परिवहन के लिए प्रयुक्त वाहनों का निरीक्षण कर यह परखा गया कि सभी वाहनों में जीपीएस यंत्र स्थापित एवं सुचारू रूप से कार्यशील हैं, जिससे परिवहन के दौरान स्टॉक की सतत निगरानी हो सके। गोदामों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, प्रवेश-निकास बिंदुओं की सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरों तथा ताले-चाबी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई और सभी व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित एवं नियमानुसार पाई गईं।
आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गोदाम प्रभारियों एवं संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि स्टॉक प्रबंधन, अभिलेख संधारण और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई न हो। अधिकारियों को नियमावली का कठोरता से पालन करने और समय-समय पर self-audit की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश भी दिए गए। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी विभाग का कहना है कि इस निरीक्षण का उद्देश्य नियमों का सख्ती से पालन कर प्रदेश के आबकारी राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करना है। विभाग राज्य सरकार की नीतियों एवं आदेशों को गंभीरता से लागू कर रहा है और गोदामों की पारदर्शी व्यवस्था तथा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही प्रदेश की सभी मदिरा दुकानों को समय पर और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित कर उपभोक्ताओं को असुविधा से बचाना और शराब के अवैध भंडारण, परिवहन व बिक्री की संभावनाओं को सख्ती से समाप्त करना विभाग की प्राथमिकता है।
