महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ: बौद्धिक संपदा अधिकार पर केंद्रित चर्चा
डाकपत्थर। वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा सोमवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “Intellectual Property Rights (IPR)” के प्रथम दिवस के उद्घाटन सत्र एवं तकनीकी सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. वी. एन. खाली तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. एस. नेगी द्वारा वर्चुअल दीप प्रज्वलन के माध्यम से हुआ।
प्रो. खाली ने संगोष्ठी की महत्ता एवं IPR की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उद्घाटन सत्र के पश्चात कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूजा राठौर, विभाग प्रभारी वाणिज्य द्वारा किया गया। उन्होंने NEP 2020 में Learning & Innovation की भूमिका पर बोलते हुए बताया कि यह नीति विद्यार्थियों में रचनात्मकता, कौशल, नवाचार तथा अनुसंधान को बढ़ावा देती है।
डॉ. सुदेश कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, NCERT नई दिल्ली ने Patent Drafting के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेटेंट शिक्षकों व विद्यार्थियों की नवाचारी सोच को संरक्षण देता है। उन्होंने बताया कि पेटेंट ड्राफ्टिंग शोध स्तर बढ़ाती है और स्टार्टअप एवं उद्यमिता को मजबूत करती है।
डॉ. गिरिधर जोशी, असिस्टेंट प्रोफेसर, खटीमा कॉलेज ने NEP 2020 और IPR की संयुक्त भूमिका पर बताते हुए कहा कि IPR विद्यार्थियों व शिक्षकों को अपने विचारों को सृजित, सुरक्षित और व्यावसायिक रूप से उपयोग करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार व्यक्तियों के निवेश के परिणामों की सुरक्षा प्रदान करते हैं और नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं।
डॉ. ए. एम. पन्यूली, विभाग प्रभारी–रसायन एवं संयोजक—IPR ने IPR को संस्थागत विकास का आधार बताते हुए कहा कि यह संस्थानों की प्रतिष्ठा, उद्योग भागीदारी, शोध गुणवत्ता तथा राजस्व सृजन को बढ़ाता है। कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित करने में सह–संयोजक डॉ. रोहित वर्मा, डॉ. सती एवं डॉ. आराधना भंडारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

