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रिश्वतखोरी के मामले में दो डाक अधिकारियों को सजा, एक को तीन साल का कारावास

रिश्वतखोरी के मामले में दो डाक अधिकारियों को सजा, एक को तीन साल का कारावास
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लखनऊ। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की लखनऊ स्थित अदालत ने रिश्वतखोरी के एक मामले में प्रतापगढ़ जिले के कुंडा उप डाकघर में तैनात रहे दो डाक अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने डाक सहायक सूरज प्रसाद मिश्रा को तीन वर्ष के कारावास और 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि उप डाकपाल संतोष कुमार सरोज को छह माह के कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। अदालत ने यह फैसला 12 अक्टूबर 2026 को सुनाया।

सीबीआई के अनुसार, इस मामले में 30 नवंबर 2019 को दोनों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि उप डाकपाल संतोष कुमार सरोज और डाक सहायक सूरज प्रसाद मिश्रा ने आपराधिक साजिश के तहत एक कमीशन एजेंट से आवर्ती जमा खातों में धनराशि जमा कराने के बदले अवैध रिश्वत की मांग की थी।

आरोपियों द्वारा प्रत्येक 20 हजार रुपये की जमा राशि पर 100 रुपये की दर से कथित तौर पर रिश्वत मांगी जाती थी। इस रकम को ‘सुविधा खर्च’ का नाम दिया गया था। आरोप था कि पैसे नहीं देने पर एजेंट के काम में बाधा डालने और उसका काम रोकने की धमकी भी दी जाती थी।

मामले में सीबीआई ने 30 नवंबर 2019 को जाल बिछाया। इस दौरान डाक सहायक सूरज प्रसाद मिश्रा को दो लाख 40 रुपये की जमा राशि की प्रक्रिया पूरी करने के बदले एक हजार रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच की गई।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 31 दिसंबर 2019 को दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया। न्यायालय में सुनवाई और विचारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों डाक अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए उनके विरुद्ध कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

देवभूमि खबर

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