भ्रमजाल नहीं, उत्तराखंड को सच्चाई चाहिए , श्वेत पत्र जारी करे सरकार : गरिमा मेहरा दसौनी
देहरादून।उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने रुद्रपुर में आयोजित तथाकथित “उत्तराखंड निवेश उत्सव” को भाजपा सरकार द्वारा रचा गया एक और प्रचारमूलक आयोजन करार दिया है। उन्होंने कहा कि मंच से किए गए दावे आकर्षक लग सकते हैं, लेकिन इनकी जमीनी हकीकत शून्य है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा जो विकास और निवेश के आंकड़े गिनाए गए, वे केवल कागज़ी घोषणाएं हैं, जिनका धरातल पर कोई असर नहीं दिखता। मुख्यमंत्री के इस दावे कि 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है, पर सवाल उठाते हुए गरिमा ने पूछा कि आखिर वह निवेश कहाँ है, कितने उद्योग वास्तव में शुरू हुए और कितने युवाओं को रोजगार मिला?
गरिमा ने कहा कि सच्चाई यह है कि राज्य के अधिकांश औद्योगिक क्षेत्र अव्यवस्था, अधूरी बुनियादी सुविधाओं और गहराती बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा भ्रष्टाचार पर “जीरो टॉलरेंस” नीति के दावों को झूठा बताते हुए उन्होंने कहा कि सीएम का यह कहना कि 2000 भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, सरासर गुमराह करने वाला है। जबकि जनता खुद देख रही है कि भाजपा शासनकाल में भ्रष्टाचार संस्थागत रूप ले चुका है। उन्होंने पूछा कि उद्यान घोटाले, सैन्यधाम घोटाले और आय से अधिक संपत्ति रखने वाले मंत्रियों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
दसौनी ने ‘निवेश मित्र’ और 260 ऑनलाइन सेवाओं की बात को भी छलावा बताया और कहा कि इन दावों के बावजूद व्यापारियों को आज भी फाइलों के ढेर, रिश्वतखोरी और राजनीतिक हस्तक्षेप से जूझना पड़ता है। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह द्वारा विपक्ष पर की गई टिप्पणी — “हवन में हड्डी न डालें” — को न सिर्फ असंवेदनशील बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि क्या भाजपा अब विपक्ष की भूमिका को ही समाप्त करना चाहती है? क्या विपक्ष का सवाल उठाना अपराध है और क्या सच्चाई सामने लाना नकारात्मक राजनीति मानी जाएगी? उन्होंने कहा कि ऐसे शब्द गृहमंत्री को शोभा नहीं देते।
दसौनी ने गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को उत्तराखंड की जमीनी सच्चाई याद दिलाते हुए कहा कि आज राज्य का युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहा है, महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है, औद्योगिक विकास केवल पोस्टरों में दिखता है, ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन जारी है, जंगली जानवरों ने उत्पात मचा रखा है, और जो युवा अपना अधिकार मांगते हैं, उन्हें लाठियों से पीटा जाता है। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों के मामले में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में सबसे आगे निकल चुका है और लगभग हर बड़े अपराध में सत्तारूढ़ दल के लोगों की संलिप्तता सामने आती रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में अवैध खनन, भू-माफिया, शराब माफिया और खनन माफिया का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है और सरकारी तंत्र इन माफियाओं के सामने पूरी तरह नतमस्तक दिखता है। लोक कलाकारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं दी जा रही है और उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है।
दसौनी ने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड की जनता अब भाजपा के झूठे प्रचार और खोखले आयोजनों से ऊब चुकी है। कांग्रेस हर गांव, हर शहर और हर मंच से भाजपा के झूठ को उजागर करेगी और जनता के सामने सच्चाई लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि विकास आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीनी सच्चाई से मापा जाता है। उत्तराखंड को अब प्रचार आधारित उत्सव नहीं, बल्कि मजबूत नीति और ईमानदार सरकार की जरूरत है।

