साइबर अपराधियों पर उत्तराखंड STF का बड़ा प्रहार, ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ में 10 साइबर अपराधी गिरफ्तार

820 संदिग्ध बैंक खातों का सत्यापन, 228 FIR दर्ज; 644 SIM और 630 IMEI ब्लॉक—साइबर ठगी की पूरी चेन पर कार्रवाई
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ प्रदेशव्यापी सात दिवसीय ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ चलाकर ठगी करने वालों से लेकर ठगी की रकम निकालने वाले मनी म्यूल्स और साइबर अपराध में संसाधन उपलब्ध कराने वाले Facilitators तक पूरी साइबर क्राइम चेन पर कार्रवाई की है।
अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री वी. मुरुगेशन ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए पुलिस द्वारा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न तकनीकी एवं वित्तीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर साइबर अपराध से जुड़े हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए और इनके आधार पर प्रदेशभर में ग्राउंड वेरिफिकेशन, दबिश, पूछताछ, डिजिटल साक्ष्य संकलन, FIR और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 24 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक संचालित अभियान में STF, साइबर क्राइम यूनिट, जिला साइबर सेल और जनपद पुलिस ने Money Mule Accounts, संदिग्ध बैंक खाते, ATM व Cheque Withdrawal Locations, Suspect SIM-POS, SIM, IMEI और अन्य Digital Footprints को चिन्हित कर कार्रवाई की।
अभियान के दौरान 820 संदिग्ध बैंक खातों का सत्यापन कर 159 FIR, 1,236 ATM Withdrawal Locations के सत्यापन में 32 FIR, 84 Cheque Withdrawal Locations के सत्यापन में 37 FIR तथा 22 Suspect SIM-POS के सत्यापन में 10 FIR दर्ज की गईं। वहीं 644 संदिग्ध SIM और 630 IMEI ब्लॉक किए गए तथा 442 संदिग्ध मामलों का सत्यापन किया गया। कार्रवाई में 10 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी भी हुई।
STF ने I4C, DoT, RBI और अन्य संस्थाओं से प्राप्त तकनीकी एवं वित्तीय सूचनाओं का विश्लेषण कर Actionable Intelligence तैयार की। PRATIBIMB Map के माध्यम से साइबर अपराध से जुड़े Digital, Telecom, Financial और Geographical Indicators को आपस में जोड़कर संदिग्ध हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए।
ऑपरेशन के दौरान हरिद्वार के श्यामपुर क्षेत्र में पुलिस ने संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क ‘नवादा ग्रुप’ का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक बैंक खातों की कड़ियां सामने आईं। आरोपियों के कब्जे से 45 से अधिक ATM कार्ड, 20 बैंक पासबुक, दो लैपटॉप और 17 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
वहीं पथरी क्षेत्र में ATM Withdrawal Data के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो साइबर ठगी की रकम को पांच प्रतिशत कमीशन लेकर ATM से निकालते थे।
पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में Forex Trading के नाम पर ₹3.86 लाख की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने आशीष रिचर्ड को गिरफ्तार किया। जांच में उसके आठ बैंक खातों में करीब ₹1.50 करोड़ की साइबर ठगी की रकम पहुंचने की बात सामने आई। इनमें करीब सात लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। साइबर पोर्टल पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न राज्यों से 19 शिकायतें भी दर्ज मिलीं।
उत्तराखंड पुलिस ने वर्ष 2026 में 240 साइबर अपराधियों/संदिग्धों का विवरण I4C के Samanvaya Portal पर अपलोड किया। इनकी अन्य राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से Mapping के बाद 100 से अधिक Inter-State Linkages सामने आए हैं।
1930 पर मिली शिकायतों में ₹23.44 करोड़ बचाए
वर्ष 2026 में 1930/NCRP पर प्राप्त 18,749 साइबर अपराध शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के समन्वय से करीब ₹23.44 करोड़ की ठगी की धनराशि Hold/Save कराई गई।
पुलिस के अनुसार साइबर अपराध के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है। 27 अगस्त को आयोजित राज्यव्यापी Virtual Cyber Awareness Programme में 1,100 से अधिक राजकीय विद्यालयों के करीब 1.75 लाख छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड श्री दीपम सेठ के निर्देशानुसार साइबर अपराधियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। तकनीकी एवं वित्तीय Intelligence के आधार पर Money Mules, संदिग्ध बैंक खाते, SIM/POS और अन्य डिजिटल संसाधनों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
