उत्तराखंड एसटीएफ की ताबड़तोड़ कार्रवाई – नकली दवाइयां बनाने वाले चार कंपनी मालिक/प्लांट हेड गिरफ्तार, अब तक 10 आरोपी दबोचे गए
देहरादून।उत्तराखंड एसटीएफ ने नकली दवाइयां तैयार कर उन्हें बाजार में बेचने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार कंपनी मालिकों और प्लांट हेड को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ अब तक इस गिरोह के मास्टरमाइंड सहित कुल दस आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जीवन रक्षक दवाइयों की हूबहू नकल कर उन्हें नकली रूप से बाजार में बेचे जाने की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। नकली दवाइयों के इस्तेमाल से जहां आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है, वहीं सरकार को बड़े स्तर पर राजस्व हानि भी होती है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड श्री दीपम सेठ ने एसटीएफ को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ श्री नवनीत सिंह भुल्लर ने अपनी टीमों को गैंग की पूरी कुंडली खंगालकर कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए।
एसएसपी एसटीएफ श्री नवनीत सिंह भुल्लर ने जानकारी दी कि एसटीएफ ने 01 जून 2025 को सेलाकुई क्षेत्र से संतोष कुमार को गिरफ्तार कर उसके पास से प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नकली रैपर, आउटर बॉक्स, लेबल और क्यूआर कोड भारी मात्रा में बरामद किए थे। मामले में थाना सेलाकुई में अभियोग दर्ज किया गया था, जिसकी विवेचना बाद में एसटीएफ को सौंपी गई। इस दौरान एसटीएफ ने पहले ही छह अभियुक्त—संतोष कुमार, नवीन बंसल, आदित्य काला, देवी दयाल गुप्ता, पंकज शर्मा और विजय कुमार पांडे को गिरफ्तार कर लिया था।
जांच में सामने आया कि देहरादून की Keron Life Science Pvt. Ltd., BLBK Pharmaceutical Pvt. Ltd., Oxi Pharma Pvt. Ltd. और Zentic Pharmaceuticals Pvt. Ltd. ने बिना लाइसेंस के और केवल नवीन बंसल उर्फ अक्षय के मौखिक आदेश पर दवा निर्माण कर उसकी फर्जी फर्म Beechem Biotech को करीब 18 लाख टैबलेट्स बेचीं। इन दवाओं को बिना स्ट्रिप्स पैकिंग के भिवाड़ी, राजस्थान भेजा गया, जहां उन्हें ब्रांडेड दवाइयों के नाम से पैक कर बाजार में बेचा गया। फर्जी फर्म को सप्लाई दिखाने के लिए बिलों में जानबूझकर MRP “00.00” अंकित की गई, ताकि इसे सरकारी अस्पताल सप्लाई जैसा दिखाया जा सके, जबकि नवीन बंसल के पास किसी भी प्रकार का सरकारी अथवा अस्पताल सप्लाई का अनुबंध या अनुमति नहीं थी। वर्ष 2023-24 और 2024-25 में कई बार इस फर्जी फर्म को दवाएं सप्लाई की गईं। मामले की गहन जांच के बाद चार कंपनी हेड को गिरफ्तार किया गया है और आगे की विवेचना जारी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में प्रदीप गौड़ (Zentic Pharmaceuticals Pvt. Ltd.), शैलेन्द्र सिंह (BLBK Pharmaceutical Pvt. Ltd.), शिशिर सिंह (Oxi Pharma Pvt. Ltd.) और श्रीमती तेजेन्द्र कौर (Keron Life Science Pvt. Ltd.) शामिल हैं। पुलिस अन्य राज्यों से भी इनके आपराधिक इतिहास की जानकारी एकत्र कर रही है। इस पूरे अभियान में उत्तराखंड एसटीएफ टीम ने निर्णायक भूमिका निभाई।
