कमल भंडारी के समर्थन में शहीद स्थल पर जुटे विभिन्न संगठन, सरकार-प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी

मसूरी। वरिष्ठ उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कमल भंडारी के समर्थन में शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर शहीद स्थल झूला घर मसूरी में विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपना समर्थन दिया। इस दौरान वक्ताओं ने मसूरी प्रशासन और प्रदेश सरकार से राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान, गरीबों के हितों तथा धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
कमल भंडारी ने पूर्व में की गई घोषणा के अनुरूप गांधी जयंती पर मुंडन कराकर मसूरी प्रशासन और सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया तथा शहीद स्थल पर एक दिवसीय धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मसूरी के उपजिलाधिकारी राहुल आनंद की कार्यप्रणाली से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई करने और उपजिलाधिकारी का मसूरी से स्थानांतरण करने की मांग उठाई।
धरने के दौरान विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा कि मसूरी के गरीबों के घर उजाड़ने, उन्हें परेशान करने अथवा उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का अपमान करने की किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने सनातन धर्म के प्राचीन मंदिरों, पुजारी निवासों और यज्ञशालाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न किए जाने पर जनता इसका विरोध करेगी।
कमल भंडारी के समर्थन में होटल वर्कर्स यूनियन मसूरी के अध्यक्ष कामरेड आरपी बडोनी, मजदूर नेता संजय तमता, मजदूर संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह चौहान, वरिष्ठ समाजसेवी प्रकाश राणा, वरिष्ठ समाजसेवी गोविंद प्रसाद नौटियाल, सरदार तनमीत खालसा, मसूरी के पूर्व विधायक एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला सहित अनेक राज्य आंदोलनकारी, मातृशक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार धरना स्थल पर पहुंचे।
समर्थन देने पहुंचे लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कमल भंडारी ने कहा कि यदि उपजिलाधिकारी राहुल आनंद के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, मामले की जांच नहीं कराई गई, उनका मसूरी से स्थानांतरण नहीं किया गया तथा मां पार्वती मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो उन्हें भविष्य में आंदोलन के लिए अन्य कदम उठाने को मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से तत्काल मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
