देहरादून।उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने 9 मार्च से 13 मार्च तक प्रस्तावित विधानसभा सत्र को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। 9 मार्च (सोमवार) को राज्यपाल का अभिभाषण प्रस्तावित है। गोदियाल ने कहा कि परंपरागत रूप से सोमवार का दिन मुख्यमंत्री के प्रश्नकाल के लिए निर्धारित माना जाता है, किंतु यह अत्यंत खेदजनक है कि पुष्कर सिंह धामी ने अपने लगभग पाँच वर्षों के कार्यकाल में एक भी सोमवार के प्रश्नकाल का प्रत्यक्ष रूप से सामना नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास गृह, वित्त, राजस्व, ऊर्जा, शहरी विकास, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, परिवहन, उद्योग, श्रम, सूचना प्रौद्योगिकी, आबकारी, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और एमएसएमई जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग हैं। ऐसे में प्रश्नकाल से लगातार अनुपस्थिति लोकतांत्रिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। गोदियाल ने कहा कि प्रश्नकाल केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है, जिससे नीतियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
उन्होंने बताया कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है, ताकि महिला अपराध, कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, भर्ती घोटालों और वित्तीय कुप्रबंधन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर समुचित चर्चा हो सके। गोदियाल ने कहा कि वर्तमान सत्र की अवधि इन गंभीर विषयों पर व्यापक बहस के लिए अपर्याप्त प्रतीत होती है।
प्रदेश कांग्रेस की ओर से मांग की गई है कि मुख्यमंत्री नियमित रूप से प्रश्नकाल में उपस्थित होकर सीधे उत्तर दें, लंबित जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए, विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए तथा प्रश्नकाल की गरिमा और परंपरा को सुदृढ़ किया जाए।
अंत में गोदियाल ने कहा कि यह विषय किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और जवाबदेही की परंपरा का है। कांग्रेस पार्टी सदन के भीतर और बाहर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।

