रिपोर्ट: ललित जोशी
नैनीताल।सरोवर नगरी नैनीताल समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्तराखंड सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित योजनाएं सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। इन्हीं प्रयासों का सशक्त उदाहरण जनपद नैनीताल के हल्द्वानी विकासखंड की प्रीति सैनी हैं, जो आज महिला आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं।
प्रीति सैनी वैष्णवी आजीविका स्वयं सहायता समूह में सचिव एवं सक्रिय सदस्य के रूप में जुड़ी हुई हैं। वे अपने घर से ही हैंडीक्राफ्ट और मसाला निर्माण का सफल व्यवसाय संचालित कर रही हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं से उन्हें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की नई दिशा मिली है।
प्रीति सैनी विशेष रूप से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और REAP/ग्रामोत्थान परियोजना का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार की योजनाओं ने उन्हें घर बैठे रोजगार का अवसर प्रदान किया। इससे वे न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि समाज में सम्मानपूर्वक जीवन भी व्यतीत कर रही हैं।
REAP/ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत उन्हें ₹75,000 की सब्सिडी सहित कुल ₹3 लाख का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपने घर पर मसाला पीसने की चक्की स्थापित कर मसालों का उत्पादन शुरू किया। गुणवत्ता और शुद्धता के कारण उनके मसालों की मांग लगातार बढ़ती गई।
आज उनके उत्पादों की बिक्री स्थानीय बाजारों, मेलों और शादी-विवाह के सीजन में बैंकेट हॉलों में बड़े स्तर पर हो रही है। त्योहारी सीजन में भी वे विशेष उत्पाद तैयार करती हैं—
होली पर चिप्स, कचरी और हर्बल रंग दिवाली पर ऊन की फूल मालाएं, तोरण और विभिन्न हैंडीक्राफ्ट सामग्री ऋण की शेष धनराशि से उन्होंने एक छोटी दुकान भी शुरू की है, जहां कॉस्मेटिक्स और दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध कराती हैं। इन सभी गतिविधियों से वे परिवार का भरण-पोषण करते हुए सभी खर्चों के बाद प्रतिवर्ष लगभग ₹80 हजार से ₹1 लाख तक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं।
प्रीति सैनी की सफलता यह दर्शाती है कि यदि सरकार की योजनाओं का सही लाभ लिया जाए तो महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं, बल्कि समाज में नई पहचान भी स्थापित कर सकती हैं।

