मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 पर कार्यशाला आयोजित
रुद्रप्रयाग। मुख्य विकास अधिकारी जी. एस. खाती की अध्यक्षता में विकास भवन के सभागार में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पारदर्शिता के साथ सूचना उपलब्ध कराने से संबंधित विषयों पर चर्चा करना था। यह कार्यशाला डॉ. आर. एस. टोलिया उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी, नैनीताल के तत्वावधान में आयोजित की गई थी।
इस कार्यशाला में संयुक्त निदेशक डॉ. महेश कुमार ने सूचना का अधिकार अधिनियम के सफल और प्रभावी कार्यान्वयन हेतु इसमें उल्लेखित धाराओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूचना अधिकारी का मुख्य दायित्व निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदक को सूचना उपलब्ध कराना है। डॉ. कुमार ने अधिनियम के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया, जिसमें 31 सेक्शन, 13 नियम, 6 चैप्टर और 2 शेड्यूल शामिल हैं।
मुख्य विकास अधिकारी जी. एस. खाती ने लोक सूचना अधिकारियों और विभागीय अपीलीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त आवेदनों का पारदर्शिता और समय-सीमा के अंतर्गत निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस कार्यशाला में प्रशासनिक अकादमी के विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी को अच्छी तरह समझें, ताकि आवेदकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस अवसर पर दीपांकर जोशी ने उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कार्यशाला में वनाधिकारी कल्याणी, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उप जिलाधिकारी जखोली भगत सिंह फोनिया, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशीष घिल्डियाल, परियोजना निदेशक विमल कुमार, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, डॉ. आर. एस. टोलिया, रागिनी तिवारी, विकास पुंडीर सहित अन्य लोक सूचना अधिकारी और अपीलीय अधिकारी उपस्थित रहे।

