अनिल बलूनी,ऋतु खंडूड़ी मुख्यमंत्री कि रेस में सबसे उपर
देहरादून । उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के लिए चल रही खींचतान लंबी खींचती जा रही है।दावेदार लगातार अपनी पैरवी कर रहे हैं।लेकिन दूसरी तरफ नजर दौड़ाएं तो लंबी खींचतान में दो मोहरे चुपचाप अपनी पैनी रणनीति को अमलीजामा पहनाने की तैयारी कर रहे हैं।
जंहा एक ओर पुष्कर सिंह धामी का खटीमा सीट से चुनाव हारने के बाद सीएम की दौड़ में नाम चल रहा है ।लेकिन चर्चा में निवर्तमान मंत्री धन सिंह रावत, निवर्तमान मंत्री सतपाल महाराज, पूर्व सीएम बीसी खंडूरी की बेटी ऋतु खंडूड़ी भूषण, निवर्तमान मंत्री गणेश जोशी का नाम भी है.पैरवी में
राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी का नाम लगभग हो गया है। सूत्रों की माने तो राजनाथ सिंह और मीनाक्षी लेखी ने ब्राह्मण विधायकों के दबाव में हाईकमान ने यह फैसला लिया है और अनिल बलूनी को पीएम और गृहमंत्री का करीबी माना जाता है। सूत्रों ने बताया की 20 तारीख को अनिल बलूनी के नाम का एलान हो सकता है।अनिल बलूनी के समर्थकों ने मिठाई का आर्डर भी दे दिया है और बैनर पोस्टर भी छापने को दे दिए हैं।
आपको बताते चले की पिछली विधानसभा में जब तीरथ सिंह रावत के बाद मुख्यमंत्री का चुनाव होना था तब उस रेस में भी अनिल बलूनी का नाम सबसे आगे था लेकिन उस समय अनिल बलूनी के खराब स्वास्थ्य के कारण उनके नाम पर विराम लग गया था लेकिन सूत्रों की माने तो इस बार अनिल बलूनी का नाम मुख्यमंत्री कि रेस में सबसे उपर है।
देहरादून: उत्तराखंड में चुनावी नतीजे 10 मार्च को आए थे, लेकिन छह दिनों बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बरकरार है. सीएम के तौर पर पुष्कर सिंह धामी, धन सिंह रावत, सतपाल महाराज और ऋतु खंडूड़ी जैसे नामों की चर्चा हो रही है. इस बीच बीजेपी नेता रेखा आर्या ने भी सीएम पद को लेकर अपनी दावेदारी ठोक दी है. रेखा आर्या ने इशारों में कहा, “हम 47 विधायक जीतकर आए हैं और सभी 47 दावेदार हैं. चाहें वो महिला हो या पुरुष, हर व्यक्ति दावेदार है. राजनीति में महत्वकांक्षा रखना कोई बुरी बात नहीं. उसके लिए प्रयास करना भी कोई बुरी बात नहीं. अंतमि फैसला शीर्ष नेतृत्व का होता है. शीर्ष नेतृत्व जो तय करेगा हम सब लोग उनके साथ खड़े हैं. चाहे वो महिला के रूप में तय हो या पुरुष के रूप में तय हो लेकिन उत्तराखंड का हित सर्वोपरि है. हम उनके साथ खड़े हैं.”

