फल-सब्जियों में कीटनाशक अवशेष पर सख्ती, प्रदेशभर में सैम्पलिंग और जागरूकता अभियान शुरू

फल-सब्जियों में कीटनाशक अवशेष पर सख्ती, प्रदेशभर में सैम्पलिंग और जागरूकता अभियान शुरू
Spread the love

देहरादून। फल एवं सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार सख्त हो गई है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेशभर में फलों और सब्जियों के सैम्पल लेकर प्रयोगशाला जांच की पहल शुरू कर दी है। साथ ही कृषि एवं उद्यान विभाग को किसानों को कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन चल रहा है, ऐसे में जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट और हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल पर सख्ती बरतना जरूरी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त सचिन कुर्वे द्वारा कृषि एवं उद्यान विभाग को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के सर्विलांस अभियानों में खाद्य पदार्थों में कीटनाशक अवशेष पाए जाने की पुष्टि हुई है। कीटनाशकों के अवैज्ञानिक उपयोग के कारण फल, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों में निर्धारित मानकों से अधिक अवशेष मिल रहे हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं।

पत्र में किसानों के लिए जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करने के साथ-साथ फल-सब्जी विक्रेताओं और मंडी व्यापारियों को भी जागरूक करने पर जोर दिया गया है, ताकि सुरक्षित खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के उपायुक्त (मुख्यालय) गणेश कंडवाल ने बताया कि विभाग द्वारा अब तक आम, केला, पपीता और तरबूज सहित 95 फलों के सैम्पल लिए जा चुके हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

देवभूमि खबर

Related articles