अपने बचाव के लिए अपने को जागरूक करना होगा – नमन कृष्ण महाराज
रिपोर्ट: ललित जोशी / हर्षित जोशी
नैनीताल।सरोवर नगरी नैनीताल की ऊंची पहाड़ी शेर का डांडा स्थित रामलीला प्रांगण में नव सांस्कृतिक सत्संग समिति द्वारा आयोजित नो दिवसीय देवी भागवत कथा का समापन भागवत किंकर श्री नमन कृष्ण महाराज एवं उनकी टीम द्वारा हवन, यज्ञ, संक्षिप्त कथा और भंडारे के साथ हुआ।
व्यास पीठ पर विराजमान सतगुरु धर्म मार्तण्ड श्री नमन कृष्ण महाराज ने भागवत के गूढ़ अर्थ को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि “भागवत” शब्द भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और त्याग – इन चार तत्वों का समन्वय है। महाराज ने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों से निपटने के लिए हर व्यक्ति को स्वयं जागरूक होना होगा।
उन्होंने चिंता जताई कि उपद्रवियों द्वारा हो रहे नरसंहार पर सनातन धर्म के अनुयायियों को संगठित होकर सशक्त प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
महाराज ने कहा कि देवी भागवत मानव जाति में स्त्रैण गुणों के विकास की प्रेरणा देती है। मातृशक्ति के नेतृत्व में ही संसार में श्रेष्ठ गुणों का प्रसार होता है।
उन्होंने कहा कि भक्ति को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर, भोजन को पहले ईश्वर को अर्पित कर प्रसाद स्वरूप ग्रहण करने और सात्विक जीवन जीने से हम रोगों और व्याधियों से बचते हुए शांतिपूर्ण जीवन जी सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में नव सांस्कृतिक सत्संग समिति के अध्यक्ष खुशाल सिंह रावत ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
बाइट्स:
- भागवत किंकर श्री नमन कृष्ण महाराज
- खुशाल सिंह रावत, अध्यक्ष, नव सांस्कृतिक सत्संग समिति, नैनीताल

