उत्तरकाशी धराली क्लाउडबर्स्ट: सेना, वायुसेना, प्रशासन का व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन, अब तक 190 लोगों को सुरक्षित किया गया

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देहरादून।उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने की भीषण आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। बुधवार को सुबह 7 बजे से हेलीकॉप्टर ऑपरेशन प्रारंभ कर दिया गया। भारतीय वायुसेना, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, प्रशासन एवं अन्य एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू कार्य किया जा रहा है।

1. हेलीकॉप्टरों की तैनाती:

रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक कुल 15 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • भारतीय वायुसेना के चिनूक (02), एमआई-17 (02), और अन्य हेलीकॉप्टर (03)
  • राज्य सरकार की ओर से युकाड़ा के माध्यम से – 06 हेलीकॉप्टर
  • अतिरिक्त 02 हेलीकॉप्टर और तैनात किए जा रहे हैं
  • कल से कुल 08 युकाड़ा हेलीकॉप्टर राहत कार्यों में लगेंगे
  • आर्मी के ALH-01 और चीता-02 हेलीकॉप्टर भी मिशन में शामिल

2. मौके पर कार्यरत टीमें (कुल: 518 सदस्य):

  • राजपुताना राइफल्स – 150
  • सेना की घातक टीम – 12
  • एनडीआरएफ – 32
  • एसडीआरएफ – 50
  • आईटीबीपी – 130
  • मेडिकल टीम – 04
  • प्रशासन व पुलिस अधिकारीगण – 25
  • बीआरओ – 15

3. राहत हेतु तैयार दल (कुल: 814 सदस्य):

  • नेलांग – 40
  • आर्मी मेडिकल – 50
  • टोकला टीसीपी – 50
  • स्पेशल फोर्स (आगरा) – 115
  • आईटीबीपी – 89
  • एनडीआरएफ – 160
  • एसडीआरएफ – 30
  • पुलिस – 280

4. रेस्क्यू विवरण:

अब तक कुल 190 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।

  • घायल – 13 (जिन्हें मातली लाया गया)
    • 03 गंभीर – एम्स ऋषिकेश रेफर
    • 02 घायल – दून अस्पताल
    • 08 – जिला अस्पताल, उत्तरकाशी में भर्ती

5. कार्यरत मशीनें (कुल: 05):

  • जेसीबी – 02
  • एस्कवेटर – 01
  • डोजर – 02

6. गंगोत्री से एयरलिफ्ट की तैयारी:

गंगोत्री में फंसे लगभग 400 लोगों को हर्षिल लाया जा रहा है, जहां से चिनूक व एमआई-17 हेलीकॉप्टरों द्वारा एयरलिफ्ट किया जाएगा।

7. अब तक प्राप्त शवों की संख्या:

  • मृतक – 02

8. लापता लोगों का अनुमान:

  • सेना के – 09
  • सिविल – 07
  • कुल अनुमानित – 16

ICP धराली और QD NDRF को फंक्शनल किया जा रहा है।

9. राहत सामग्री:

  • 2000 खाद्य पैकेट हर्षिल भेजे गए हैं।

यदि आप इसमें कोई विशेष पैराग्राफ जोड़ना या इसे किसी विशेष फॉर्मेट (PDF, DOCX, आदि) में चाहते हैं तो बताइए।

देवभूमि खबर

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