प्रदेश सरकार का भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरैंस का दावा खोखला : ई.डीपीएस रावत
देहरादून।उत्तराखंड क्रांति दल डेमोक्रेटिक के उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ नेता ई. डीपीएस रावत ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार आकण्ठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है तथा सरकार की नाक के नीचे भ्रष्टाचार पनप रहा है।. ई. डीपीएस रावत ने कहा कि सरकार को अपने अधीनस्थ अधिकारियों की कारगुजारियों का संज्ञान लेना चाहिए कि किस तरह वे प्रदेश की जनता की सहायता करने की जगह उनके लिए समस्यायें खड़ी कर रहे हैं।उन्होनें आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी बानगी बाल विकास परियोजना, श्रम विभाग के अंतर्गत कोटद्वार में फर्जी श्रमिकों को लाभ पंहुचाने सहित जल संस्थान के एक अधिकारी द्वारा एक राजनेता को खुश करने के लिए बिना उक्त राजनेता की सहमति के उनकी पुत्रबहू के एनजीओ को ग्रामीणों के पीने का का पानी बंद करके उपलब्ध कराया जाना आदि गंभीर मामले हैं ।
इं•डीपीएस रावत ने बाल विकास विभाग के एक प्रभारी परियोजना अधिकारी पर कथित रूप से गौरादेवी कन्याधन योजना के चेक लाभार्थियों को न वितरित करने में मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त अधिकारी ने मार्च 2020 से योजना के लाभार्थियों के चेक वितरित नही किए हैं। जबकि बाल विकास विभाग के एक अधिकारी के अनुसार विगत मार्च महीने में एकेश्वर पोखड़ा क्षेत्र के लाभार्थियों के 51000 हजार के लाभांश चेक दियाना जाना था ,जो अभी तक वितरित नही किया गया उन्होनें सरकार से उक्त मामले के साथ ही कोटद्वार में श्रम विभाग की योजनाओं का लाम कई अपात्र लोगों को देने तथा कोटद्वार तहसील से आयप्रमाण पत्रों के बनानें में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि कोटद्वार में एक व्यक्ति जिसका दो मंजिला भवन है एक कार तथा दो दोपहिया वाहन तथा हजारों की आय के बावजूद उक्त व्यक्ति को किस तरह निम्न आय का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया गया जिसका सबूत जब चाहे सरकार को उपलब्ध कराया जा सकता है ।यह तो वानगी भर है कोटद्वार क्षेत्र में इस तरह के भ्रष्टाचार के गंभीर मामले हैं जिनकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही होनी चाहिए ।उन्होनें कहा कि जल संस्थान के एक अधिकारी ने कथित रूप से एक राजनेता को बिना उनकी सहमति के ही ग्रामीणों के पीने का पानी बंद कर उक्त राजनेता की पुत्रबहू के एनजीओ को उपलब्ध करा दिया जिसके बाद ग्रामीणों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के भारी विरोध के बाद उक्त हैण्डपम्प को खोला गया तथा तब जाकर ग्रामीणों को पानी उपलब्ध हो पाया लेकिन सरकार ने दोषी अधिकारी तथा कर्मचारियों पर कार्यवाही करने की जगह विरोध करने वाले जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों पर मुकदमें दर्ज कर दिए उन्होनें दुख व्यक्त करते हुए कहा कि क्या इसी की खातिर हमारे शहीदों ने बलिदान दिए । सरकार को इन मामलों को सज्ञांन लेकर दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही अमल में लानी चाहिए ।।

