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जनसंघर्ष मोर्चा ने ईमानदार आईपीएस के वीआरएस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा

जनसंघर्ष मोर्चा ने ईमानदार आईपीएस के वीआरएस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा
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#कार्मिकों की ससमय डीपीसी न होने के मामले को भी उठाया।

देहरादून।जन संघर्ष मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रदेश के ईमानदार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्री वी विनय कुमार के वीआरएस लेने संबंधी मामले को निरस्त करने तथा प्रदेश के कार्मिकों की ससमय डीपीसी कराने को लेकर ज्ञापन सौंपा । मुख्यमंत्री ने वीआरएस मामले में संज्ञान लेने एवं कार्मिकों के डीपीसी मामले में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

नेगी ने कहा कि श्री वी विनय कुमार के वीआरएस लेने के मामले में कारण चाहे पारिवारिक या निजी दर्शाया गया हो, प्रदेश की सेहत के लिए अच्छा संकेत नही है।ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश में ईमानदार अधिकारियों के लिए कोई जगह नहीं है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के कार्मिकों की ससमय डीपीसी न होने की कारण उनको हो रहे नुकसान के मामले को भी मोर्चा ने प्रमुखता से उठाया।नेगी ने कहा कि प्रदेश के भिन्न- भिन्न विभागों में कार्यरत कार्मिकों हेतु विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) कैलेंडर ससमय आयोजित न होने के कारण कार्मिकों की वरिष्ठता पिछड़ने के साथ-साथ उनका आर्थिक शोषण भी हो रहा है तथा उनकी कार्यशैली भी प्रभावित हो रही है।विभागीय अधिकारियों की लापरवाही, पदों की गणना, शासन में फाइलों का अनावश्यक मूवमेंट व अन्य तकनीकी खामियों के चलते निर्धारित वर्ष में रिक्तियों के सापेक्ष डीपीसी कैलेंडर जारी न होने के कारण कार्मिकों को लाभ नहीं मिल पाता, जिस कारण इनकी वरिष्ठता पिछड़ती है ।

नेगी ने कहा कि इन खामियों के चलते उन कार्मिकों को भी नुकसान उठाना पड़ता है,जो निर्धारित अर्हता रखने के बावजूद संबंधित वर्ष में अधिवर्षता आयु पूर्ण कर रिटायर हो जाते हैं, निर्धारित वर्ष में डीपीसी न होने के पश्चात मृत्यु होने तथा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले कार्मिकों को बहुत नुकसान उठाना पड़ता है, ऐसे निर्धारित योग्यता रखने वाले कार्मिकों को नोशनल पदोन्नति का लाभ दिया जाना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल में- मोर्चा महासचिव आकाश पवार व दिलबाग सिंह थे।

देवभूमि खबर

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