देहराखास पटेलनगर में चल रही अवैध सरसों तेल फैक्ट्री में पटेलनगर पुलिस व खाद्य विभाग की टीम ने मारा छापा
देहरादून। औद्योगिक क्षेत्र देहराखास पटेलनगर में मानकों के विपरीत चल रही सगुन एग्रो ऑयल सरसो तेल फैक्ट्री में पटेलनगर पुलिस व खाद्य विभाग की टीम ने सयुंक्त छापा मारा। बिना डिस्ट्रीब्यूटर लाइसेंस के बिना शुद्धता जांच किये कई ब्रांड के सरसो के तेल व बिना लेबेल लगाये सरसो तेल को बड़ी मात्रा में कर रहा था दुकानों में सप्लाई कर रहा था।
प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार राणा थाना पटेलनगर को सूचना प्राप्त हुई कि औद्योगिक क्षेत्र देहरा खास में एक सरसों तेल फैक्ट्री में मानकों के विपरीत सरसो के तेल की सप्लाई बड़ी मात्रा में की जा रही है । सूचना पर श्रीमती सरिता डोभाल पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा नगर क्षेत्र व श्री अनुज कुमार क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक पटेल नगर द्वारा तत्काल एक टीम गठित कर प्रभावी कार्रवाई हेतु रवाना की गई।।पुलिस टीम में श्री कुन्दन राम – उ0नि0 -कोतवाली पटेलनगर , श्री विवेक राठी –चौकी प्रभारी बाजार कोतवाली पटेलनगर , कानि0 अनिल कोतवाली पटेलनगर, कानि0 राजीव कोतवाली पटेलनगर , कानि0 आशीष कोतवाली पटेलनगर , कानि0 श्रीकांत कोतवाली पटेलनगर , कानि0 मनोज कोतवाली पटेलनगर द्वारा औद्योगिक क्षेत्र देहरा खास पटेल नगर से निकल रहे एक लोडर टेंपो को चेक किया तो उसमें सरसों तेल के 15 लीटर के 39 टिन बिना ब्रांड लेबल लगे हुये होना पाया गया, इसके अलावा अलग – अलग ब्रांड के 15 लीटर
सरसो तेल के 71 टिन लदे होना पाया गया। लोडर चालक के पास उक्त सरसो तेल के बिल होना नही पाया गया।
मौके पर सीनियर फूड सेफ्टी ऑफिसर श्री रमेश सिंह नगर निगम क्षेत्र देहरादून को जानकारी देकर बुलाया गया। जिनके द्वारा लोडर में लदे सरसों तेल के टिन को चेक किया गया तो पाया गया कि फैक्ट्री मालिक द्वारा मानकों का उल्लंघन कर सरसो के तेल की सप्लाई की जा रही है। फैक्ट्री शगुन एग्रो ऑयल देहराखास मैं छापा मारकर जांच की गई तो पाया गया कि फैक्ट्री मालिक सगुन एग्रो और देहरा खास को आंचल रिफाइंड और आंचल सरसों का तेल की रीपैकर का लाइसेंस प्राप्त है।इसके अलावा अन्य किसी ब्रांड या बिना लेबल सरसों तेल को विक्रय करने का लाइसेंस प्राप्त नहीं है। फैक्ट्री मालिक द्वारा तेल की रीपैकिंग से पूर्व उसकी शुद्धता की जांच हेतु फैक्ट्री में शुद्धता ऑल टेस्टिंग मशीन भी नहीं लगाई गई है। मालिक द्वारा बिना शुद्धता जांच किये तेल की सप्लाई की जा रही है। खाध सुरक्षा और मानक अधिनियम अधिनियम 2006 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। जिसमें 6 माह का कारावास व 3 लाख से 5 लाख तक का अर्थदंड का प्रावधान है । फैक्ट्री से तेल की जांच हेतु सैंपल प्राप्त किए गए। जिन्हें जांच हेतु रुद्रपुर भेजा जा रहा है। अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।


