325 जाबांज युवा बने सेना अफसर
देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड संपन्न हो गई है। भारतीय सैन्य अकादमी से डेढ़ साल का प्रशिक्षण पूरा कर वतन के लिए मर मिटने का शपथ लेकर 325 युवा अफसर शनिवार को सेना का हिस्सा बन गए। इनमें उत्तराखंड के 24 युवा भी शामिल हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान सहित मित्र देशों के 70 जेंटलमैन कैडेट भी आईएमए से पास आउट हुए।
भारतीय थल सेना के उप प्रमुख एसके सैनी ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली। इस बार पीओपी में कैडेट के दो परिजन ही शामिल हुए। कोर्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए जेंटलमैन कैडेट वतन दीप सिंह सिद्धू को स्वोर्ड ऑफ ऑनर और ऑर्डर ऑफ मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले माझी गिरिधर को गोल्ड मेडल से नवाजा गया।
उप सेना प्रमुख ले.जनरल एसके सैनी ने अकादमी के समादेशक ले.जनरल हरिंदर सिंह के साथ परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। इस दौरान उन्होंने युवा अफसरों से चरित्र, अनुशासन व सत्यनिष्ठा के साथ नई जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारतीय सेना की अलग पहचान है। सेना की इस पहचान को बनाए रखने की जिम्मेदारी युवा अफसरों पर है। कहा कि पूरा देश की निगाहें युवा अधिकारियों पर है। इसलिए देश की आन-बान शान को बनाए रखना और अपने अधीनस्थों का मार्गदर्शन करना उनका कर्तव्य है।

