जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की पहल पर पहली बार यात्रा पड़ावों में चलाया गया स्वच्छता अभियान

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रुद्रप्रयाग।देवभूमि खबर। जिला मुख्यालय में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अगुवाई में अलकनंदा-मंदाकिनी नदी संगम स्थल, संगम बाजार व नगर पालिका क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं सफाई कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्वच्छता अभियान में जिलाधिकारी के साथ ही नगरपालिका अध्यक्ष गीता झिंक्वाण, एसपी अजय सिंह, डीएफओ, एडीएम, सीएमओ, सीवीओ सहित अन्य अधिकारी, स्कूल बच्चे व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे, जबकि गांवो में पटवारी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें ग्राम प्रधान, गांव वासी व अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
स्वच्छता अभियान के पश्चात नगरपालिका सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सभी वक्ताओं ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए सुझाव दिए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष गीता झिंक्वाण ने कहा कि वातावरण एक परिवेश है, जो पृथ्वी नामक इस ग्रह पर जीवन को विकसित, पोषित होने में मदद करता है। पर्यावरण को कैसे बचाया जाय और इसे सुरक्षित रखने के बारे में जानना चाहिए, ताकि इस ग्रह पर जीवन के अस्तित्व को जारी रखने के लिए प्रकृति का संतुलन सुनिश्चित हो सके। केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने कहा हमें प्रकृति, जंगलों सेे प्रेम करना सिखाना होगा। बताया कि पांच जून 1973 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह दिवस पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनैतिक और सामाजिक जागृति लाने के लिए मनाया जाता है। जिलाधिकारी मंगेश घिडियाल ने कहा कि भारत सरकार स्वच्छता को लेकर बहुत गम्भीर है। हर नगर पालिकाओं, पंचायतों और गांवों में पर्यावरण मित्र रखे गये हैं, जिन्हें हर घर से कूड़ा उठाना है और जैविक अजैविक कूडे को अलग-अलग कर उसे निस्तारित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि रुद्रप्रयाग नगर पालिका द्वारा ट्राचिंग ग्राउंड में कूडे़ की छंटनी नहीं की जा रही है, जबकि काॅम्पेक्टर मशीन से प्लास्टिक को काम्पैक्ट कर कूडे को बेचा जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण मित्रों से हर वार्ड की सफाई व्यवस्था की स्थिति भी जानी। डीएफओ मयंक शेखर झा ने कहा कि पर्यावरण कोई एक विषय नहीं है, बल्कि हमारे आस-पास के वे सभी चीजे हैं जो हर प्राणी के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन लगातार कुछ वर्षों से वायु प्रदूषण से सम्पूर्ण जीवन खतरे में है। इसके साथ-साथ फैक्ट्रियों से उठने वाली विषैली गैस और हर साल पहाड़ के जंगलों में लगने वाली आग से न केवल वायु प्रदूषण बढ रहा है बल्कि घटते वन क्षेत्र से जीवन भी खतरे में है। ऐसे में वनारोपण अत्यधिक आवश्यक है कि कैसे हम अपने वनो की रक्षा करें। इसके लिए हम सभी के साझा प्रयास से ही जंगल बच सकते हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी एसके झा ने कहा कि अक्सर पढे-लिखे लोग ही खुले में कूड़ा फैलाते देखे जाते है जो कि बेहद शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने कहा कि अभी भी लोग स्वच्छता को लेकर गम्भीर नहीं है। वहीं दूसरी ओर पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर पंचायत तिलवाड़ा द्वारा विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्वच्छता अभियान में अलग-अलग टीमों ने यात्रियों के साथ स्वच्छता कार्यक्रम चलाया। इस दौरान स्वच्छता जागरूकता रैली, मंदाकिनी तट पर वेस्ट मटेरियल से बनाए गए सफाई उपकरणों के माध्यम से सफाई कार्यक्रम, पर्यावरण एवं स्वच्छता पर गोष्ठी, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, स्वच्छता दीवार पर हस्ताक्षर, पचास फलदार पौधों का वितरण, पर्यावरण एवं स्वच्छता पर गोष्ठी, वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं पर्यावरण पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।

देवभूमि खबर

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