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स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से रीमागाडा भगवती मंदिर की क्षतिग्रस्त चार दीवारी बनाने की मांग

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से रीमागाडा भगवती मंदिर की क्षतिग्रस्त चार दीवारी बनाने की मांग
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अल्मोड़ा।रीमागाडा भगवती मंदिर रीठागाड पट्टी के सीमांत एरिया रीम में स्थित है। मंदिर में सदियो से होली कार्यकम व आठो सातों बुरुड पंचमी के त्यौहार को रीठागाड की मात्र शक्ति बड़े हर्षोल्लास से मनाती हैं ।रीमागाडा भगवती मंदिर की चार दिवारी क्षतिग्रस्त होने के कारण आने वाले एक श्रद्धालुओं को एक दिवसीय मेले के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी, सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जडौत, नारायण दत्त भट्ट, कुशाल सिंह डसीला,बालम सिह बानी भगवती मंदिर के पुजारी महिपाल सिंह नेगी , महेन्द्र सिंह नेगी,उमेश भट्ट समिति के सदस्यों ने इस भगवती मंदिर की क्षतिग्रस्त दीवार के लिए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से लेकर विधायक तक गुहार लगाई किसी ने सुध नहीं ली।

पिछले साल की आपदा को मध्य नजर रखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जडौत ने युवाओं के सहयोग से इस मंदिर की चार दिवारी श्रम दान में बनाई थी ताकि सातो आठो का एक दिवसीय मेले हो सके।

समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने कहा कि सौ साल पुराने भगवती मंदिर की चार दिवारी केलिए क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि से लेकर  विधायक व सांसद को अवगत कराया।वैसे भी रीठागाड क्षेत्र स्वर्गीय गोबिंद सिंह बिष्ट  का पैतृक गांव है।उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की ।

देवभूमि खबर

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