वन सेवा के अधिकारी तथा कार्मिक फॉरेस्ट वारियर है : राज्यपाल

वन सेवा के अधिकारी तथा कार्मिक फॉरेस्ट वारियर है : राज्यपाल
Spread the love

देहरादून । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि ) से सोमवार को राजभवन में उत्तराखंड के भारतीय वन सेवा के अधिकारियों ने मुलाकात की।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि वन संपदा का लाभ स्थानीय लोगों विशेषकर ग्रामीणों को मिलना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि जंगलों में आग की समस्या के संबंध में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया जाना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, चीन जैसे देशों से वनाग्नि को रोकने एवं इसके नियंत्रण के संबंध में अनुभव एवं बेस्ट प्रैक्टिसेज सांझा की जानी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि वनाग्नि रोकने में स्थानीय लोगों को जागरूक एवं प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष के स्थान पर मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व के लिए वातावरण विकसित किया जाना चाहिए। वन उत्पादों, जड़ी बूटियों, औषधीय पौधों तथा विभिन्न वन संपत्तियों पर शोध तथा अध्ययन किया जाना चाहिए। स्थानीय एवं ग्रामीण लोगों की प्रगति में वन उत्पाद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वन उत्पादों का लाभ वनों तथा इसके आसपास रहने वाले लोगों को मिलना चाहिए। उत्तराखंड वन संपदा की दृष्टि से एक संपन्न राज्य है। उत्तराखंड के वनों में पाई जाने वाली जड़ी बूटियां औषधीय पौधे स्थानीय लोगों के आर्थिक सशक्तीकरण तथा रिवर्स पलायन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि वन सेवा के अधिकारी तथा कार्मिक फॉरेस्ट वारियर है। वनों को सुरक्षित रखते हुए इनके माध्यम से कैसे स्थानीय लोगों का आर्थिक सशक्तिकरण हो इसके लिए वन अधिकारियों को आउट ऑफ बॉक्स आइडियाज के साथ कार्य करना होगा।

देवभूमि खबर

Related articles