देहरादून में 13वीं राज्य स्तरीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ, 129 बाल वैज्ञानिकों ने दिखाया नवाचार
देहरादून। मांडुवाला स्थित डॉल्फिन इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज में दो दिवसीय 13वीं राज्य स्तरीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन वंदना गर्ब्याल, विनोद कुमार ढोंडियाल एवं अरविंद गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. दुर्गेश पंत उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. के.एन. बिजल्वाण, डॉ. अवनीश उनियाल एवं डॉ. मनोज कुमार शुक्ला शामिल रहे।
इंस्पायर अवार्ड – मानक कार्यक्रम भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना है। चयनित विद्यार्थियों को ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
मुख्य अतिथि प्रो. दुर्गेश पंत ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढोंडियाल ने प्रदेशभर से आए 129 बाल वैज्ञानिकों का स्वागत किया। वहीं एडिशनल डायरेक्टर के.एस. रावत ने विज्ञान, अंधविश्वास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रतियोगिता में उत्तराखंड के 13 जनपदों से चयनित 129 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रस्तुत मॉडलों का मूल्यांकन NIF से आए वैज्ञानिकों एवं शिक्षा विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
प्रदर्शनी में स्मार्ट फायर डिटेक्शन सिस्टम, एंटी-ड्रोन रडार, इंप्योरिटी डिटेक्शन कप, ड्रग डिटेक्ट नेल पॉलिश, कन्वर्टिबल फैन और थ्री-लेयर डोरमैट जैसे नवाचारी मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सुभाष झलडियाल, डी एस रौतेला, सुधीर भारती (प्रशासनिक अधिकारी), शैलेश कुमार श्रीवास्तव (प्रधानाचार्य), दिनेश चंद्र नौटियाल (प्रधानाचार्य), रिचा जुयाल (जिला संदर्भदाता), संजय मौर्य (समन्वयक, चकराता), सरदार दलजीत सिंह (समन्वयक, रायपुर), सुरेंद्र कुमार सहगल (मीडिया प्रभारी), आशीष डबराल (कालसी), दिगंबर सिंह नेगी (विकासनगर), पवन शर्मा एवं वीरेंद्र रावत (सहसपुर), नरेश कोटनाला, राजीव अग्रवाल, स्मिता सेमवाल, स्वाति गुसाईं, सारिका सिरोही, रमन कुमार, कविता रावत, विजय द्विवेदी, राकेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

