रिलायंस कम्युनिकेशंस मामले में CBI की तीसरी चार्जशीट, अमिताभ झुनझुनवाला समेत 20 आरोपी नामजद

मुंबई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) से जुड़े मामले में 21 अगस्त 2026 को दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट विशेष CBI अदालत, मुंबई में दाखिल की। इसमें रिलायंस ADA ग्रुप के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर अमिताभ झुनझुनवाला को आपराधिक साजिश, आपराधिक गबन और धोखाधड़ी के आरोपों में आरोपी बनाया गया है।
CBI की जांच के अनुसार, अमिताभ झुनझुनवाला समूह में महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए कथित आपराधिक साजिश में शामिल थे। आरोप है कि साजिश के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड के लिए 1,200 करोड़ रुपये का टर्म लोन हासिल किया गया। इन कंपनियों द्वारा ऋण का भुगतान नहीं किए जाने के कारण बैंक को करीब 971.25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
CBI ने यह मामला भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। FIR के अनुसार, इस मामले में भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कुल एक्सपोजर 19,694.33 करोड़ रुपये है।
CBI ने इससे पहले 29 मई 2026 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारियों और 10 बैंक अधिकारियों समेत 16 आरोपियों को नामजद किया गया था। इसके बाद M/s Netizen Engineering P Limited तथा उसके निदेशकों अनिल जमना कल्या और टुनु साहू के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई।
अमिताभ झुनझुनवाला के खिलाफ दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस मामले में अब तक कुल 20 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
CBI ने कहा कि मामले में अन्य आरोपियों और जांच के अन्य पहलुओं को लेकर आगे की जांच जारी है।
CBI के अनुसार, रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (RTL) से संबंधित विभिन्न मामलों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, LIC और EPFO की शिकायतों के आधार पर आठ FIR दर्ज की गई हैं।
रिलायंस ADA ग्रुप से जुड़े मामलों में CBI अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
CBI ने बताया कि इन मामलों की जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही है। एजेंसी ने कहा कि वह मामलों की शीघ्र और व्यापक जांच के लिए प्रतिबद्ध है।
