स्नोव्यू में महिलाओं को दिया जा रहा 21 दिवसीय मोमबत्ती निर्माण प्रशिक्षण

स्नोव्यू में महिलाओं को दिया जा रहा 21 दिवसीय मोमबत्ती निर्माण प्रशिक्षण
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रिपोर्ट: ललित जोशी

नैनीताल। सरोवर नगरी के स्नोव्यू वार्ड में नैनी महिला जागृति संस्था नैनीताल समूह की ओर से जिला उद्योग केंद्र, नैनीताल के सहयोग से महिलाओं के लिए 21 दिवसीय सजावटी मोमबत्ती निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में लगभग दो दर्जन से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से सजावटी मोमबत्तियां बनाने का हुनर सीख रही हैं।

प्रशिक्षण के दौरान सावित्री असवाल और देवकी जोशी के सहयोग से महिलाओं को मोमबत्ती निर्माण की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। महिलाओं को बताया जा रहा है कि किस प्रकार आकर्षक और सजावटी मोमबत्तियां तैयार कर उन्हें बाजार, मेलों और विभिन्न प्रदर्शनियों में बिक्री के लिए रखा जा सकता है।

इस अवसर पर नैनी महिला जागृति संस्था की अध्यक्ष मंजू रौतेला ने कहा कि कुछ वर्ष पहले नैनीताल की मोमबत्तियां पूरे देश में अपनी विशेष पहचान रखती थीं। हालांकि महंगाई बढ़ने और कच्चे माल की लागत में वृद्धि के कारण कई मोमबत्ती निर्माताओं ने इस पारंपरिक कार्य को छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि आज भी बाजार में सजावटी मोमबत्तियों की मांग बनी हुई है, ऐसे में महिलाओं को इसका प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए संस्था की ओर से विभिन्न वार्डों में महिलाओं को जागरूक कर रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, ताकि महिलाएं हुनर सीखकर अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति में सहयोग कर सकें।

प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने बताया कि मोमबत्ती निर्माण का प्रशिक्षण उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। प्रशिक्षण के बाद वे घर पर ही सजावटी मोमबत्तियां तैयार कर स्थानीय बाजारों के साथ-साथ मेलों और अन्य आयोजनों में स्टॉल लगाकर बेच सकती हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने के साथ अपने परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग करने का अवसर मिलेगा।

नैनी महिला जागृति संस्था की ओर से समय-समय पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न रोजगारपरक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। संस्था का कहना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है।
रिपोर्ट: ललित जोशी

देवभूमि खबर

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